कैसे-कैसे आती है मौत! आकाशीय बिजली गिरने से युवक के मोबाइल में हुआ ब्लास्ट, मौके पर ही मौत

स्वतंत्र बोल धमतरी, 17मई 2025:कहते हैं मौत कभी बताकर नहीं आती — और कभी-कभी उसका तरीका इतना अकल्पनीय होता है कि हर कोई हैरान रह जाए। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां आकाशीय बिजली की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिजली गिरने से युवक का मोबाइल फोन फट गया, और उसी के झटके से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। काम देखते वक्त हुआ हादसा घटना भटगांव की है, जहां स्थानीय निवासी रोहित सिन्हा रोज़मर्रा के काम से लौटकर रात में अपने घर के पीछे बन रही बाड़ी (बगीचा/खेत) में टाइल्स के काम को देखने गया था। तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जो सीधे उसके पास आकर गिरी। बिजली के प्रभाव से रोहित के हाथ में मौजूद मोबाइल फोन फट गया, और वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा। परिजन पहुंचे, लेकिन देर हो चुकी थी बिजली गिरने की तेज आवाज़ सुनकर परिजन और आस-पास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने एम्बुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गांव में मातम का माहौल इस घटना के बाद रोहित के परिवार में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों के अनुसार, रोहित मिलनसार और मेहनती युवक था। उसकी इस तरह अचानक और असामान्य मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, 5 शहरों में 15 ठिकानों पर छापेमारी

स्वतंत्र बोल रायपुर/सुकमा, 17मई 2025:छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में एक नया मोड़ आया है। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ ACB-EOW (एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह राज्य के पांच शहरों में करीब 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, बस्तर संभाग के सुकमा, तोंगपाल, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में 13 जगहों पर, जबकि राजधानी रायपुर में 2 ठिकानों पर दबिश दी गई। यह कार्रवाई सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई, जब ACB और EOW के अधिकारी संबंधित परिसरों में पहुंचे। व्यापारियों और सप्लायर्स के ठिकाने भी निशाने पर जांच एजेंसियों की छापेमारी जगदलपुर के व्यवसायी प्रेम मिगलानी, रायपुर के नहाटा परिवार, तथा अंबिकापुर के जाने-माने कपड़ा व्यापारी और सरकारी सप्लायर धजाराम इंटरप्राइजेज के मालिक अशोक अग्रवाल और मुकेश अग्रवाल के परिसरों पर केंद्रित रही। ED पहले ही कर चुकी है कार्रवाई इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी 28 दिसंबर को पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी के घर पर छापा मारा था। बाद में 15 जनवरी को लखमा की गिरफ्तारी हुई और 21 जनवरी से वह रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। लखमा पर गंभीर आरोप ED ने अपनी जांच में दावा किया है कि कवासी लखमा को 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले की पूरी जानकारी थी और उन्होंने घोटाले को अंजाम देने वाले सिंडिकेट का नेतृत्व किया।ED ने उनके खिलाफ 3773 पन्नों का आरोप-पत्र दायर किया है, जिसमें बताया गया है कि शराब नीति में बदलाव करने में भी लखमा की केंद्रीय भूमिका थी। साथ ही, आरोप है कि आबकारी विभाग के निरीक्षण से पहले वरिष्ठ अधिकारियों से पूर्व अनुमति ली जाती थी। अब तक 21 आरोपी…

21 साल बाद मिला न्याय: मिस्त्री की मौत मामले में हाई कोर्ट ने किसानों को दोषमुक्त किया

स्वतंत्र बोल बिलासपुर, 17मई 2025: थ्रेशरमशीन के लिए बिजली लाइन जोड़ते समय मिस्त्री की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए किसानों को आखिरकार 21 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिला है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फैसले में कहा कि यह दुर्घटना मृतक की लापरवाही के कारण हुई थी, न कि किसानों की गलती से। घटना मई 2004 की है जब सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम तेलईधार निवासी याचिकाकर्ता शमीम खान व तीन अन्य किसानों ने अपनी गेहूं की फसल के लिए थ्रेशर मशीन लगवाई थी। इसके लिए उन्होंने गांव के ही युवक शाहजहां को बिजली पोल से मशीन की लाइन जोड़ने के लिए बुलाया। लाइन जोड़ते समय शाहजहां बिजली पोल पर चढ़ा, जहां करंट लगने से वह झुलस गया और नीचे गिर गया। उसे इलाज के लिए सीतापुर और फिर रायपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच कर किसानों के खिलाफ धारा 304 ए (लापरवाही से मृत्यु का कारण) के तहत अपराध दर्ज किया और चालान पेश किया।अंबिकापुर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने सभी आरोपियों को छह-छह माह की कैद व 400 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके बाद किसानों ने सत्र न्यायालय में अपील की, लेकिन 2010 में वह भी खारिज हो गई। आखिरकार, किसानों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि मृतक पेशेवर इलेक्ट्रीशियन नहीं था, बल्कि मैकेनिकल कार्य करता था। गवाहों ने भी यह स्पष्ट किया कि किसानों ने उस पर बिजली पोल में चढ़ने का कोई दबाव नहीं डाला था। वह स्वयं अपनी इच्छा से यह कार्य कर रहा था, जबकि उसे इसके खतरों की जानकारी थी। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने मृतक की मृत्यु को उसकी स्वयं की लापरवाही मानते हुए याचिकाकर्ता किसानों को दोषमुक्त करार दिया।

गोलबाजार के होटल में रेड, रूम नंबर 102 में गांजा के साथ पकड़ाए दो तस्कर

स्वतंत्र बोल रायपुर, 15 मई 2025 : गांजा के साथ अंतर्राज्यीय आरोपी सत्येंद्र गिरी और देशराज…