स्वतंत्र बोल
रायपुर,06 मई 2026: एक अखबार में छपी खबर ने सरकार के शीर्ष स्तर पर हलचल मचा दी। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट को लेकर प्रकाशित खबर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने सुबह अखबारों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया। खबर पढ़ते ही उन्होंने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर स्थिति की जानकारी ली और तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित बस्ती में तत्काल स्थल निरीक्षण कर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान के लिए प्राथमिकता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं, वहां पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि जमीनी स्तर की समस्याएं जब सामने आती हैं, तो उन पर तुरंत कार्रवाई कितनी जरूरी हो जाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से इस समस्या का स्थायी समाधान कर पाता है।


