स्वतंत्र बोल
रायपुर 26 मई 2026 : छत्तीसगढ़ में चल रहा “सुशासन तिहार 2026” अब सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। गांवों से लेकर दूरस्थ वनांचलों तक प्रशासन की सीधी पहुंच और मौके पर हो रहे समाधान ने लोगों के बीच अलग ही माहौल बना दिया है। कहीं वर्षों पुरानी जमीन की समस्या खत्म हुई, तो कहीं इलाज के लिए भटक रहे मरीजों को बड़ी राहत मिली। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों लोग शिविरों में पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में सरकार ने सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और राजस्व जैसी मूलभूत सुविधाओं पर खास फोकस किया है। अधिकारियों को सीधे जनता से जुड़कर शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे बड़ी सौगात सूरजपुर जिला अस्पताल को मिली, जहां मुख्यमंत्री ने 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। लगभग 4 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह सुविधा अब सड़क दुर्घटना, ब्रेन हेमरेज, ट्यूमर, स्ट्रोक और गंभीर बीमारियों की जांच जिला स्तर पर ही संभव बनाएगी। इससे करीब 9 लाख से अधिक आबादी को फायदा मिलेगा और मरीजों को अंबिकापुर रेफर होने की परेशानी से राहत मिलेगी।
महासमुंद में बरगद के पेड़ के नीचे लगी मुख्यमंत्री की चौपाल भी चर्चा का विषय बनी रही। यहां मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिल रही सहायता की जानकारी दी, तो कई ग्रामीणों ने रोजगार और पानी जैसी समस्याएं भी सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
बीजापुर के कुटरू में आयोजित शिविर में हजारों ग्रामीण योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे। वहीं दूरस्थ वनांचल की धामिनी के लिए यह शिविर जिंदगी बदल देने वाला साबित हुआ। प्रशासनिक टीम ने गांव पहुंचकर मौके पर ही उसका आयुष्मान कार्ड बनाया, जिससे अब इलाज का खर्च उसके परिवार के लिए बोझ नहीं रहेगा।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए। उड़ूमकेला के तिरंगा आजीविका संगठन को 60 हजार रुपये का चेक दिया गया, जिससे महिलाएं कृषि, पशुपालन और मछली पालन जैसे कार्य शुरू करेंगी। एर्राबोर शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों को 17.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया। इसी दौरान पांच महिलाओं को “लखपति दीदी” सम्मान भी दिया गया।
कटेकल्याण में किसानों को मौके पर बी-1 दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, जिससे अब उन्हें बैंक ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। वहीं मरवाही के सुदर्शन सिंह को वर्षों बाद जमीन का कानूनी अधिकार मिला। अधिकार अभिलेख मिलते ही उनके चेहरे की खुशी देखते बन रही थी।
इसी बीच चंदागांव में आयोजित शिविर में जन्मजात “क्लब फुट” बीमारी से पीड़ित मासूम आरुष नेताम को तत्काल इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार शुरू हो चुका है।
सुशासन तिहार के दौरान कई जगह अन्नप्राशन, गोद भराई, स्वास्थ्य परीक्षण और जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। सरकार का दावा है कि यह अभियान सिर्फ योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने की कोशिश है।


