पेड़ लगाने से नहीं, बचाने से बदलेगी तस्वीर! राज्यपाल ने अफसरों को दी चेतावनी, हरियाली पर दिए बड़े निर्देश

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 10 जून 2026: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शहर और नया रायपुर में लगाए गए वृक्षों की सुरक्षा एवं संवर्धन को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण, नियमित निगरानी और समुचित विकास को सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

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लोक भवन में आयोजित बैठक के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री सम्बित मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त मणिवासगन एस तथा रायपुर वन मंडल के डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और वृक्षों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

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बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण के बाद पौधों की सुरक्षा और देखभाल की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार पौधे लगाए तो जाते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखरेख नहीं होने से वे नष्ट हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर वृक्षों की कटाई की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने शहर में बड़े हो चुके वृक्षों के आसपास लगाए गए ट्री गार्ड हटाने तथा वृक्षों के चारों ओर बने कंक्रीट ढांचों को हटाने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंचना आवश्यक है, तभी उनका स्वस्थ विकास संभव हो सकेगा।

श्री डेका ने “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों को जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित निगरानी, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।

राज्यपाल ने शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पौधों की जीवित रहने की दर में सुधार के लिए वन विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।