स्वतंत्र बोल
रायपुर 6 अक्टूबर 2026 : रायपुर में वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के बस्तर दौरे और जगदलपुर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सुखदेव भगत बस्तर नहीं आए और अब जब हालात सामान्य हो चुके हैं और व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, तब वहां पहुंचकर राजनीति कर रहे हैं। सुखदेव भगत का 7 से 9 अक्टूबर तक बस्तर संभाग का दौरा प्रस्तावित है।
‘बाढ़ के समय मुख्यमंत्री तत्काल पहुंचे थे’
अजय चंद्राकर ने कहा कि बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तत्काल बस्तर पहुंचे थे। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की थी। उनके मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की ओर से जितनी व्यवस्थाएं की जानी थीं, वह की गईं।
अजय चंद्राकर ने कहा कि अब बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद जो कुछ हो रहा है, वह राजनीति है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी बस्तर के कई जिलों में संगठनात्मक बैठकों के साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर दौरा करने वाले हैं।
झारखंड का भी जिक्र किया
सुखदेव भगत पर हमला बोलते हुए अजय चंद्राकर ने झारखंड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले सुखदेव भगत को यह तलाशना चाहिए कि झारखंड में सरकार क्यों नहीं बनी और इसके क्या कारण रहे।
चंद्राकर ने यह टिप्पणी सुखदेव भगत के राजनीतिक कामकाज पर सवाल उठाते हुए की। उन्होंने बस्तर दौरे को भी इसी राजनीतिक संदर्भ से जोड़कर निशाना साधा।
कोल घोटाले की चार्जशीट पर भी प्रतिक्रिया
ACB-EOW की ओर से कथित कोल लेवी मामले में कांग्रेस नेताओं समेत 12 लोगों के खिलाफ चालान पेश किए जाने पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने अपनी जांच की है और अब यह मामला न्यायालय में है।
चंद्राकर ने कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे कांग्रेस के बड़े नाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने अपनी गतिविधियों में सारी सीमाएं लांघ दी थीं। हालांकि, मामले में आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय को करना है।
चिंतामणि महाराज के नाम पर देवेंद्र यादव को जवाब
कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव की ओर से जांच के दौरान चिंतामणि महाराज का नाम हटाए जाने के आरोप पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को पता है कि किसका नाम है और किसका नहीं। अगर देवेंद्र यादव को लगता है कि किसी का नाम हटाया गया है, तो उन्हें यह बात कोर्ट के सामने रखनी चाहिए।
दरअसल, देवेंद्र यादव ने कोल लेवी मामले में आरोप लगाया है कि जांच की शुरुआत में चिंतामणि महाराज का नाम FIR में था, लेकिन बाद में उनका नाम सामने नहीं रहा। इस आरोप को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी है।
बस्तर में कांग्रेस का तीन दिवसीय कार्यक्रम
सुखदेव भगत 7 से 9 अक्टूबर तक बस्तर संभाग के दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक वे कांकेर, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में कांग्रेस की बैठकों में शामिल होंगे। दंतेवाड़ा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा भी प्रस्तावित है।
ऐसे में उनके दौरे से पहले भाजपा की ओर से आई अजय चंद्राकर की टिप्पणी ने छत्तीसगढ़ की सियासत में बस्तर को लेकर बयानबाजी तेज कर दी है।


