स्वतंत्र बोल
रायपुर 23 अक्टूबर 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर दौरे के बीच राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक ‘मुरिया दरबार’ में आम लोगों की भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले मुरिया दरबार में प्रशासनिक दबाव बहुत कम रहता था, जिससे आम लोग बेझिझक अपनी समस्याएं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रख पाते थे। हालांकि, अब अत्यधिक प्रशासनिक दबाव के चलते हर व्यक्ति खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहा है।
आदिवासियों को राष्ट्रपति से बड़ी उम्मीदें
सांसद फूलो देवी नेताम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्र के आदिवासी समुदाय को उनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति आदिवासियों की जायज मांगों को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक पहल करेंगी। सांसद ने विशेष रूप से आग्रह किया कि मुरिया दरबार के दौरान आम जनता द्वारा रखी जाने वाली सभी समस्याओं और मांगों पर राष्ट्रपति खुद ध्यान दें, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत देने की मांग
अपने बयान के दौरान सांसद ने बस्तर क्षेत्र में बीते दिनों बाढ़ से हुए भारी नुकसान का भी जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि बाढ़ से प्रभावित हुए परिवारों को शासन-प्रशासन की ओर से तुरंत राहत सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति में तेजी से सुधार लाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने का भी आग्रह किया।
मच्छरदानी टेंडर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल
बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बात करते हुए सांसद फूलो देवी नेताम ने मच्छरदानी टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी और अनियमितताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर होनी चाहिए ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित विस्तार हो सके। उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने तथा आम लोगों तक बेहतर इलाज पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।


