स्वतंत्र बोल
गरियाबंद,22 मई 2026: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गांजा तस्करों और पुलिस के बीच ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। ओडिशा से करोड़ों के नशे का सामान लेकर भाग रहे तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट तक बदल डाली, लेकिन देवभोग पुलिस की घेराबंदी के आगे उनकी सारी चालाकी फेल हो गई।
फिल्मी अंदाज में हुए इस ऑपरेशन में पुलिस ने दो स्विफ्ट कारों से करीब डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 75 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक तस्कर ओडिशा से गांजा भरकर मध्यप्रदेश ले जाने की तैयारी में थे। पुलिस को भ्रमित करने के लिए उन्होंने अपनी गाड़ियों से MP की नंबर प्लेट हटाकर CG की नंबर प्लेट लगा दी थी। लेकिन देवभोग पुलिस को पहले ही इस पूरे नेटवर्क की पुख्ता सूचना मिल चुकी थी।
मुखबिर की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में नाकाबंदी कर दी। जैसे ही तस्करों ने पुलिस को देखा, उन्होंने गाड़ी रोकने के बजाय तेज रफ्तार में भागने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों को कुचलने के इरादे से उनके ऊपर गाड़ी तक चढ़ाने की कोशिश की गई।
इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर तस्करों का पीछा शुरू किया। तेज रफ्तार में भाग रही दोनों स्विफ्ट कारें अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा।
कारों की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। अंदर भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक बड़े नेटवर्क के इशारे पर मोटी रकम के लालच में गांजा सप्लाई करने का काम करते थे।
गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के गांधी नगर और साजनाबाद क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है, जबकि बाकी आरोपियों की उम्र 22 से 26 साल के बीच है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है। वहीं इस कार्रवाई के बाद इलाके में गांजा तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।


