ट्रांसफर में खेला: आलीशान होटल में तीन दिन चली बैठके, दो महीने बाद जारी हुआ आर्डर.. वापसी के लिए दबाव !

स्वतंत्र बोल
रायपुर 17 जून 2026.  छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर बड़ा खेल हो गया है। सप्ताह भर पहले जारी हुए परिवहन निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक निरीक्षक और प्रधान आरक्षकों के तबादलों की सूची सार्वजानिक होने के बाद विभाग में बवाल मचा हुआ है। जून के पहले सप्ताह में जारी हुए तबादला सूची में 46 परिवहन निरीक्षक, 50 परिवहन उपनिरीक्षक, 35 हवलदार और 18 आरक्षकों समेत कुल 165 कर्मियों का तबादला सूची जारी हुआ था। उस सूची के जारी होते ही बवाल मच गया है।

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विभागीय जानकारी अनुसार परिवहन विभाग में प्रत्येक छह महीने में इन पदों में फेरबदल होता है। वित्तीय वर्ष 2025-2026 के अंतिम दिन 31 मार्च एक फेरबदल की सूची जारी होना था, जो दो महीने के देरी से जून के पहले सप्ताह में जारी हुआ। बताते है इसके पीछे बड़ा खेल हुआ है। विभगीय मंत्री के ओएसडी ने तबादले के पूर्व अपने सहयोगी के माध्यम से तबादला में प्रभावित होने वाले कर्मियों और अधिकारियो को नवा रायपुर के एक होटल में मिलने बुलाया आया था, 28 से 31 मार्च तक नवा रायपुर के आलीशान होटल में चर्चाये हुई और कर्मियों को हिसाब-किताब समझाया गया। सूची विभागीय मंत्री से अनुमोदन के बाद समन्वय के लिए मुख्यमंत्री को भेजा गया जहा सीएम सचिवालय ने सूची को रोक दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार सीएम सचिवालय मंत्री बंगले से भेजी गई सूचि से सहमत नहीं थे ऐसे में तबादलों की फाइल दो महीने तक हाउस में पेंडिंग रही,, जून के पहले सप्ताह में सहमति मिलने पर सूची जारी हुआ।

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नाम बदल गए !
परिवहन विभाग के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मंत्री केदार कश्यप के बंगले से भेजी गई सूची और 05 जून को जारी हुई सूची में बड़ा अंतर है। सूची में वे नाम गायब है जो नवा रायपुर के होटल में मिलने पहुंचे थे, ऐसे में अब वापसी का दबाव बनाया जा रहा है। दरअसल केदार कश्यप के परिवहन मंत्री बनने के पहले विभाग के मुख्यमंत्री साय के पास था, ऐसे में उच्च पदस्थ अधिकारियो की ट्यूनिंग सीएम सचिवालय में बेहतर है, ऐसे में उन नामो को फ़िल्टर कर दिया गया जिनके लिए हाल ही में अपर कलेक्टर प्रमोट हुए अधिकारी ने पैरवी कर भेजा था। बताते है कि मंत्री स्टाफ पर करोडो वापसी का दबाव है, और इससे मंत्री की छवि भी धूमिल हो रही है।

 

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