स्वतंत्र बोल
महाराष्ट्र 25 मई 2026: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से सोमवार तड़के एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच स्थित खतरनाक अम्बेनाली घाट में एक स्कॉर्पियो कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। अंधेरी रात, सुनसान घाट और सैकड़ों फीट गहरी खाई ने रेस्क्यू टीमों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। बताया जा रहा है कि हादसा दाबेली गांव से कुछ दूरी पर हुआ, जहां स्कॉर्पियो अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे खाई में समा गई।
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत-बचाव दलों को शवों तक पहुंचने के लिए दूरबीन और रस्सियों का सहारा लेना पड़ा। सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर अभियान में जुटीं। घंटों की मशक्कत के बाद दो शवों को बाहर निकाला गया, जबकि बाकी शवों को निकालने का काम जारी रहा।
मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील स्थित आसगांव गांव के रहने वालों के रूप में हुई है। इनमें महेश अनिल पवार (25), आदित्य अशोक सालुंखे (21), रितेश राजेंद्र लोखंडे (25), सुहास जितेंद्र लोखंडे (20), अंश समीर चव्हाण (18), उत्कर्ष आनंद शिंगटे (21), अनिल अभिमन्यु शिंगटे (25) और नितिन किसान नायकोंडे (35) शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक सभी युवक कोंकण में छुट्टियां बिताने के बाद अपने घर सतारा लौट रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
महाबलेश्वर रेस्क्यू टीम, प्रतापगढ़ टीम, सीस्केप महाड-पोलादपुर, आपदा मित्र और स्थानीय रेस्क्यू ग्रुप लगातार ऑपरेशन में जुटे रहे। प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता और गहरी खाई राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
गौरतलब है कि अम्बेनाली घाट का यह इलाका पहले भी कई बड़े हादसों का गवाह रह चुका है। साल 2018 में भी यहां कोंकण एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की बस खाई में गिर गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी।


