चार दिन में 5% चढ़ा बाजार, पांचवें दिन भी तेजी का सिलसिला जारी

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स्वतंत्र बोल
मुंबई 4 नवंबर 2026:
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी बढ़त के साथ खुले। सुबह 9:59 बजे सेंसेक्स 368.91 अंक यानी 0.47% चढ़कर 77,287.91 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 95.91 अंक यानी 0.40% की बढ़त के साथ 23,906.75 पर पहुंच गया।

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भारतीय बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब एशियाई बाजारों में कमजोरी दिख रही थी। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स भी हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इस बीच अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान हुआ है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लिया है।

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विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा

पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी 50 में करीब 5% की बढ़त दर्ज की गई। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांक दो महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुए थे। बाजार की इस तेजी के पीछे कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों को अहम वजह माना जा रहा है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से भी बाजार को समर्थन मिला है। प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में 68.37 अरब रुपये यानी करीब 721.66 मिलियन डॉलर के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। पिछले छह कारोबारी सत्रों में से पांच में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत करीब चार सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई थी। यूक्रेन और ईरान में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। वेल्थ टेक प्लेटफॉर्म एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, विदेशी फंडों की निकासी में कमी के संकेत, ऊर्जा की कीमतों में नरमी और टैक्स नीति में संभावित बदलावों की उम्मीद से घरेलू बाजार का माहौल मजबूत हो सकता है।

एशियाई बाजारों में गिरावट, अमेरिकी फ्यूचर्स भी कमजोर

भारतीय बाजार में तेजी के उलट दूसरे प्रमुख बाजारों में कमजोरी दिखी। एशियाई बाजारों में करीब 0.7% की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स भी हल्की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रही। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कंपनियों के तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार को सहारा दिया।