ED की रेड पड़ते ही भड़के पिनाराई विजयन! मोदी सरकार से ज्यादा राहुल गांधी पर बरसे, केरल की सियासत में मचा तूफान

स्वतंत्र बोल
तिरुवनंतपुरम 29 मई 2026 : केरल की राजनीति में इस वक्त ऐसा सियासी संग्राम छिड़ा है, जिसने विपक्षी एकता की परतें उधेड़कर रख दी हैं। दिल्ली में एक मंच पर साथ नजर आने वाले कांग्रेस और वामपंथी दल अब केरल में खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की छापेमारी से जुड़ा है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि पिनाराई विजयन का निशाना केंद्र सरकार से ज्यादा राहुल गांधी क्यों बने।

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दरअसल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनसे जुड़े ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद सियासी पारा अचानक चढ़ गया। आमतौर पर विपक्ष ऐसी कार्रवाई के लिए सीधे नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलता है, लेकिन इस बार विजयन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर ही तीखा हमला कर सबको चौंका दिया।

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विजयन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार जनसभाओं में सवाल उठा रहे थे कि उनके घर छापा क्यों नहीं पड़ रहा और उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अब ED की रेड के बाद राहुल गांधी को “मानसिक संतुष्टि” मिल गई होगी।

इतना ही नहीं, विजयन ने कांग्रेस पर बीजेपी सरकार को उकसाने का आरोप भी लगाया। उनके बयान ने साफ कर दिया कि केरल में कांग्रेस और लेफ्ट की दुश्मनी अब सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच चुकी है।

दरअसल, इस टकराव की जड़ केरल की स्थानीय राजनीति में छिपी है। राष्ट्रीय स्तर पर भले ही कांग्रेस और वाम दल कई मुद्दों पर साथ खड़े दिखते हों, लेकिन केरल में कांग्रेस नीत UDF और लेफ्ट का LDF वर्षों से एक-दूसरे के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।

तनाव तब और बढ़ गया था जब राहुल गांधी ने वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। लेफ्ट को लगा कि राहुल सीधे उनकी जमीन पर कब्जा करने आए हैं। उसी दौरान विजयन ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए यहां तक कह दिया था कि उनमें एक स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता जितनी समझ भी नहीं है।

दूसरी ओर राहुल गांधी भी कई बार पिनाराई विजयन सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने लेफ्ट पर बीजेपी के साथ “अंदरूनी समझौते” का आरोप लगाया था और विजयन को बीजेपी की “बी-टीम” तक बता दिया था।

अब ED की कार्रवाई के बाद कांग्रेस भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रही। केरल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विजयन की बेटी की कंपनी Exalogic Solutions पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप कानूनी जांच के दायरे में हैं और अदालत भी जांच को मंजूरी दे चुकी है। कांग्रेस का आरोप है कि जब भ्रष्टाचार के सवाल उठते हैं तो विजयन खुद को पीड़ित दिखाने के लिए राहुल गांधी का नाम आगे कर देते हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राहुल गांधी और पिनाराई विजयन के बीच कभी भी निजी स्तर पर करीबी संबंध नहीं रहे। वायनाड से सांसद रहने के दौरान भी राहुल और विजयन की मुलाकातें बेहद सीमित रहीं। 2019 की बाढ़ के दौरान दोनों नेताओं की एक औपचारिक मुलाकात जरूर हुई थी, लेकिन उसके बाद रिश्तों में दूरी और बढ़ती चली गई।

दिल्ली में विपक्षी एकता की तस्वीरें चाहे जितनी मजबूत दिखें, लेकिन केरल की जमीन पर कांग्रेस और लेफ्ट के बीच सियासी जंग अब खुली तलवारों तक पहुंच चुकी है। और ED की यह रेड उस आग में घी डालने का काम करती नजर आ रही है।