मानसून से पहले ‘कुदरत का कहर’ शुरूः शिमला में बादल फटने से तबाही, सैलाब में बही कई गाड़ियां, भारी नुकसान की आशंका

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 25 मई 2025:
मानसून (Monsoon) से पहले ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार देर रात, जहां दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश ने सबकुछ अस्त-व्यस्त कर दिया। वहीं दूसरी तर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कई जिलों में शनिवार शाम को जमकर बारिश हुई है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बादल फटने से भारी तबाही मची। पहाड़ों से उतरे सैलाब में कई गाड़ियां ताश के पत्तों की तरह बह गई। शिमला के रामपुर के पास जगातखाना में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। मौके पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

शनिवार शाम आज 6 बजे के करीब रामपुर के साथ लगते जगातखाना क्षेत्र में अचानक बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के चलते भारी मात्रा में मलबा आया, जिससे कई वाहन बह गए। फिलहाल, मौके पर राहत और बचाव कार्य रात से ही जारी है।

लोगों का कहना है कि बादल फटने से ऊपर से भारी मात्रा में मलबा नीचे आया है, जिसमें सड़क पर खड़ी गाड़ियां तबाह हो गईं। शुरुआती आकलन में 10 गाड़ियों के बहने की बात कही गई थी. हालांकि, अभी सही संख्या की जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शनिवार 24 मई की शाम 6.00 बजे से ही शिमला में बादल गरजने, बिजली कड़कने के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी। इसके बाद अचानक बादल फटा और सैलाब आ गया। बादल फटने से प्रभावित इलाकों में बाढ़ आ गई, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रखा है।

अगले 6 दिन तक जारी अलर्ट
शिमला में मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने 30 मई तक येलो अलर्ट जारी किया है और ऐसे में अगले 6 दिन तक हिमाचल प्रदेश में आंधी तूफान और बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने 25 और 26 मई को सिरमौर, सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी दी है, जबकि 27-28 मई को पूरे राज्य में तेज हवाएं और बिजली गिरने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।