स्वतंत्र बोल
कोलकाता 28 मई 2026: पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस के भीतर से उठी बगावत ने हलचल तेज कर दी है। पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अब अपने ही सहयोगी और टीएमसी के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने कल्याण बनर्जी पर महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस शिकायत के सामने आने के बाद टीएमसी के अंदर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है। राजनीतिक गलियारों में इसे ममता बनर्जी के लिए एक नए संकट के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि आरोप लगाने वाली काकोली घोष कभी पार्टी सुप्रीमो की सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिनी जाती थीं।
28 मई 2026 को भेजे गए अपने पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि कल्याण बनर्जी का व्यवहार न केवल अनुचित है बल्कि सदन में महिला सांसदों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, विधानसभा चुनावों में टीएमसी को झटका लगने के बाद पार्टी संगठन में कई बड़े बदलाव किए गए थे। इसी दौरान ममता बनर्जी ने काकोली घोष को मुख्य सचेतक के पद से हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को जिम्मेदारी सौंप दी थी। तभी से पार्टी के भीतर नाराजगी और टकराव की खबरें सामने आने लगी थीं।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब काकोली घोष दस्तीदार ने पहले टीएमसी के बारासात क्षेत्र अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और फिर अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद समेत अन्य जिम्मेदारियों से भी खुद को अलग कर लिया। अब सीधे लोकसभा स्पीकर तक पहुंची उनकी शिकायत ने पार्टी के अंदरूनी संकट को और गहरा कर दिया है।
राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि टीएमसी के भीतर बढ़ता यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। वहीं विपक्ष को भी ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोलने का नया मौका मिल गया है।


