स्वतंत्र बोल
रायपुर 4 नवंबर 2026: दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बने प्रचण्ड चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम पूरी तरह से बदल गया है। राजधानी रायपुर में मंगलवार दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम को तेज बारिश हुई, जिससे दिवाली की खरीदारी के लिए निकले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बस्तर संभाग में भी दिनभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया और बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने 4 नवंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
4 नवंबर को भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। 3 नवंबर 2026 की दोपहर तक यह कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदला और आधी रात तक गहन अवदाब में तब्दील हो गया। हालांकि, तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद इसका सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ पर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने 4 नवंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।
रायपुर में बारिश से उमस घटी, पर तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं
राजधानी रायपुर में मंगलवार शाम तेज बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत जरूर मिली है। बुधवार (4 नवंबर) को रायपुर में आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने का अनुमान है। यहाँ का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बादलों की मौजूदगी के बावजूद तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान पूरे प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।


