स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 7 अक्टूबर 2026 : पश्चिम बंगाल की नौदा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जब तक सीएम सुवेंदु अधिकारी पद पर रहेंगे, वे विधानसभा नहीं जाएंगे। इस दौरान उन्होंने अपने फैसले के लिए नौदा की जनता से माफी भी मांगी। हुमायूं कबीर के इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, मंगलवार को रेजीनगर में उपचुनाव के दौरान पुलिस ने हुमायूं कबीर को गिरफ्तार कर लिया था। करीब 12 घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने राजनीति को लेकर मोहभंग की बात कही। मीडिया से बातचीत के दौरान वे भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल सीट पर बीजेपी ही जीत हासिल करेगी।
इस्तीफे पर जनता से राय लेंगे
हुमायूं कबीर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बुलाने और उनसे राय लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर 60 प्रतिशत लोग पद छोड़ने के पक्ष में राय देते हैं, तो वह इस्तीफा दे देंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था और उनके साथ किए गए व्यवहार से उनका मोहभंग हो गया है। हुमायूं कबीर ने रेजीनगर सीट पर हुए उपचुनाव को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वहां चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ। उन्होंने इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार बताया।
टीएमसी से विधायक रह चुके हैं कबीर
हुमायूं कबीर इससे पहले टीएमसी से विधायक थे। इसी दौरान उन्होंने बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद पार्टी ने इस पर आपत्ति जताई थी।
बाद में हुमायूं कबीर ने टीएमसी छोड़कर अपनी खुद की उन्नयन पार्टी बनाई और विधानसभा चुनाव लड़ा। इस दौरान दोनों सीटों पर उन्हें जीत मिली थी। इनमें रेजीनगर सीट भी शामिल थी, जिसे उन्होंने बाद में छोड़ दिया। इसी सीट पर अब उपचुनाव हुआ है।
गिरफ्तारी, उपचुनाव को लेकर लगाए गए आरोप और अब पद छोड़ने की बात के बाद हुमायूं कबीर का बयान बंगाल की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।


