डेस्क टेबल खरीदी में खेला: चहेते फर्मो को टेंडर देने बाकी फर्मो को कर दिया रिजेक्ट, डीपीआई की भूमिका पर सवाल।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 21अगस्त 2025.  सरकारी स्कूलों में सप्लाई होने वाले टेबल बेंच की खरीदी में बड़ा खेला हुआ है। लोक शिक्षण संचलनालय के अधिकारियो और सप्लायर फर्मो ने मिलकर टेंडर में खेल कर दिया है। जानकारिनुसार लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए 119400 नग डेस्क बेंच सेट खरीदने का टेंडर जारी किया था, जिसमे अधिकारियो ने चुनिंदा फर्मो को पात्र बताकर बाकी सप्लायर फर्मो को अपात्र बताकर बाहर कर दिया है। बताते है इस खेल में एक बड़े सप्लायर ने सिंडिकेट बनाकर काम किया है और बाकी फर्मो को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

सुपरमैन बनकर जांचे दस्तावेज-
दस्तावेजों के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियो ने 18 सप्लायर फर्मो के दस्तावेजों की जाँच 50 मिनट में कर डाला। एक- एक सप्लायर फर्म के दस्तावेजों को मात्र 2 मिनट से कम समय में अधिकारियो ने जाँच कर किया और 5 चुनिंदा फर्मो को पात्र बताकर बाकी फर्मो को बाहर कर दिया। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार अधिकारियो और सप्लायरों के सिंडिकेट ने पहले से ही यह तय कर लिया था संजय साइंटिफिक वर्क्स, गणपति इंटरप्राइजेस, गोयल फर्नीचर, खंडेलवाल सेल्स कारपोरेशन और अल्ट्रा मॉडुलर इंडस्ट्रीज को काम देना है बाकी 13 फर्मो को रिजेक्ट किया जाना है।

डीपीआई की भूमिका पर सवाल-
डेस्क खरीदी में हुए गड़बड़ी में डीपीआई के अधिकारियो की भूमिका पर सवाल खड़े हो गया है। बताते है कि डीपीआई कार्यालय में पदस्थ उपसंचालक डीपीआई को भरोसे में लेकर खेल किया है।