स्वतंत्र बोल
रायपुर 13 जून 2026 : असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का परिचय देने वाले शौर्य चक्र सम्मानित वीर जवानों से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जवानों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके साहसिक योगदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी बताया।
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित हुए पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों का सम्मान करने आयोजित इस मुलाकात में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित जवानों के परिजन और परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इन जवानों की वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मुलाकात के दौरान उन्होंने शौर्य चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख और राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक कार्यों की सराहना की। साथ ही उनके परिजनों से भी चर्चा कर उनके योगदान और त्याग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश सेवा में जवानों के साथ-साथ उनके परिवारों का समर्थन और बलिदान भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए एक बड़े अभियान में असाधारण नेतृत्व, रणनीतिक कौशल और बहादुरी का परिचय देने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की थी।
वहीं 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मोर्चे पर डटे रहने और अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। घायल होने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, कल्याण और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
सम्मान समारोह के दौरान जवानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और देश सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह मुलाकात वीरता, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत संगम के रूप में यादगार बन गई।


