हवा में 182 जिंदगियों से खिलवाड़ के बाद फ्लाईदुबई का बड़ा फैसला, इजराइल ने दिया झटका

Untitled

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 7 अक्टूबर 2026:
दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में 30 सितंबर को कॉकपिट के भीतर हुई तबाही की साजिश के बाद एयरलाइन ने इजराइल के लिए अपनी उड़ानें दोबारा शुरू करने की अनुमति मांगी है। फ्लाईदुबई का दावा है कि इस गंभीर घटना की जांच अब अंतिम चरण में है और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, इजराइल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस अनुरोध को फिलहाल खारिज कर दिया है।

ad

चैनल 13 की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई ने एयरलाइन संचालन शुरू करने की अर्जी अपने एक को-पायलट द्वारा किए गए आतंकी हमले के प्रयास के ठीक एक हफ्ते बाद दी है। कंपनी का कहना है कि घटना में शामिल कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इसके साथ ही इजराइल के परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों को अगले हफ्ते दुबई आकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

youtube

इजराइल का इनकार और सुरक्षा समीक्षा

इजराइल का परिवहन मंत्रालय फिलहाल फ्लाईदुबई की नई सुरक्षा व्यवस्था और उसके द्वारा उठाए गए कदमों की गहन समीक्षा कर रहा है। परिवहन मंत्री मिरी रेगेव का मानना है कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। इस घटना के बाद से इजराइल में सुरक्षा तंत्र और परिवहन मंत्रालय पर विदेशी क्रू मेंबर्स की ढीली जांच को लेकर सवाल उठ रहे थे।

गैर-नागरिकों के लिए सख्त नियम, मोसाद करेगी जांच

घटना के बाद तैयार किए गए ड्राफ्ट नियमों के तहत अब इजराइल आने वाले विदेशी नागरिकों, पायलटों और क्रू मेंबर्स के लिए कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं। इन्हें उड़ान भरने से 48 घंटे पहले एक विशेष फॉर्म भरना होगा, जिसकी जांच सरकारी अधिकारी करेंगे। इसके अलावा ‘रेड कैटेगरी’ वाले संवेदनशील देशों के नागरिकों की पृष्ठभूमि की जांच इजराइल की खुफिया एजेंसियां ‘मोसाद’ और ‘शिन बेट’ करेंगी।

कॉकपिट में क्या हुआ था उस दिन?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कट्टरपंथी सोच से प्रभावित ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर कॉकपिट में अचानक हमला कर दिया था। गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने संघर्ष किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को इशारा किया। यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने मिलकर हमलावर को-पायलट को काबू में किया और बांध दिया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई, जिससे 182 लोगों की जान बच सकी। इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की जांच अब यूएई और अन्य एजेंसियां कर रही हैं।