स्वतंत्र बोल
चेन्नई 07 अप्रैल 2025 : ED ने सोमवार को तमिलनाडु में कई स्थानों पर छापेमारी की। ED ने तमिलनाडु के नगर प्रशासन मंत्री के.एन. नेहरू के भाई रविचंद्रन की निर्माण कंपनी के परिसरों पर छापे मारे।
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छापेमारी एक रियल एस्टेट समूह के खिलाफ जांच के तहत की गई है। एन. नेहरू के भाई केएन रविचंद्रन कंपनी के प्रमोटर हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी चेन्नई के प्रमुख इलाकों जैसे तेनाम्पेट, अलवरपेट, बेसेंट नगर, सीआईटी कॉलोनी और एमआरसी नगर में 10 से अधिक निजी निर्माण फर्मों और परियोजना स्थलों पर तलाशी ले रही है। बताया जाता है कि ये छापे संदिग्ध अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच का हिस्सा हैं।
ED ने क्यों मारी छापेमारी?
चल रही तलाशी के समापन के बाद जांच का पूरा दायरा, जिसमें जब्त किए गए किसी भी दस्तावेज या सामग्री का खुलासा होने की उम्मीद है।
यह रेड तमिलनाडु के शराब व्यापार क्षेत्र के खिलाफ ईडी की हालिया कार्रवाई के बाद हुई है। 6 मार्च को, एजेंसी ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) के अंदर कथित अनियमितताओं से जुड़े बड़े पैमाने पर छापे शुरू किए, जो राज्य में भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) के वितरण पर एकाधिकार रखता है। तलाशी एग्मोर में थलमुथु नटराजन बिल्डिंग में TASMAC मुख्यालय के साथ-साथ प्रमुख शराब ठेकेदारों और डिस्टिलरी के कार्यालयों तक फैली हुई थी।
कहां-कहां की गई छापेमारी?
जिन ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें डीएमके नेता जगतरक्षकन के परिसर, ग्रीम्स रोड पर एसएनजे डिस्टिलरीज, टी. नगर में अक्कडू डिस्टिलर्स और राधा कृष्णन सलाई पर एमजीएम शराब ठेकेदार शामिल हैं।
6 मार्च को, लगभग 20 ईडी अधिकारी कई स्थानों की तलाशी लेने के लिए करूर पहुंचे, जिसमें सेंथिल बालाजी के करीबी सहयोगियों के घर शामिल थे – जैसे कि रायनूर में कोंगु मेस के मालिक मणि गोथाई नगर में शक्ति मेस के शक्तिवेल और पलानीअप्पन नगर में पीडब्ल्यूडी ठेकेदार एमसीएस शंकर।
कब गिरफ्तार हुए सेंथिल बालाजी?
गौरतलब है कि सेंथिल बालाजी को ईडी ने 14 जून, 2023 को एआईएडीएमके सरकार के तहत परिवहन मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कथित कैश-फॉर-जॉब घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
