DCCB SCAM: विभागीय जांच और विशेष ऑडिट पूरा, घोटालेबाज कर्मियों पर कार्यवाही लंबित… संचालक मंडल की बैठक आज।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 30 अप्रैल 2025.  राजधानी के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में हुए करोडो के घोटाले की जांच और विशेष ऑडिट पूरी हो गई है। जाँच टीम ने रिपोर्ट ने पंजीयक सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा को सौप दिया है। बैंक में हुये करोडो के घोटाले के पर्दाफास के बाद बैंक प्रबंधन ने विभागीय जाँच संस्थित किया था तो आयुक्त श्री शर्मा ने विशेष ऑडिट कर रिपोर्ट माँगा था। अब दोनों जी जाँच पूरी हो गई है ऐसे में अब कार्यवाही की उम्मीदें जगी है। उधर बैंक में लम्बे अंतराल के बाद 30 अप्रैल को संचालक मंडल की बैठक होगी जिसमे घोटालो में शामिल कर्मियों पर फैसला लिया जा सकता है।

सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा

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राजधानी के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में साल 2016 से 2023 तक बैंक के इंटरनल खाते में घोटाला चलता रहा, बैंककर्मियों ने सात सालो में बैंक को करीब दस करोड़ से अधिक का चुना लगाया। अक्टूबर 2023 में घोटाले की पुष्टि होने पर बैंक प्रबंधन ने मौदहापारा पुलिस थाने में तीन कर्मियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कराया था। अपराध दर्ज होने के बाद आरोपित बैंक अधिकारी फरार थे, जिसे पुलिस ने छापेमारी कर गिरफ्त्तार किया था। बैंक प्रबंधन द्वारा की गई विस्तृत जांच में घोटाले में 22 से अधिक कर्मियों के शामिल होने की पुष्टि हुई। इन कर्मचारियों ने अपने आईडी पासवर्ड का उपयोग कर लाखो रुपये ट्रासंफर किया और अपने निजी बैंक खातों जमा किया था। बैंक की जाँच में अधिकांश के खातों में पैसे ट्रासंफर होना पाया गया। जिसके बाद से कार्यवाही जाँच और विशेष ऑडिट के नाम पर लंबित थी।

घोटालेबाज बैंककर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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बैंक में चल रहा चंदा कलेक्शन-

बैंकिंग सूत्रों के अनुसार घोटालेबाज कर्मियों को कार्यवाही से बचाने की आड़ में कुछ लोगो के द्वारा कर्मचारियों से धन संग्रह किया जा रहा है। धन संग्रह में जुटे लोग घोटालेबाज कर्मियों को किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने की गारंटी दें रहे है। वही बैंक का एक धड़ा चाहता है कि घोटालेबाज कर्मियों पर कार्यवाही हो तो ताकि बैंक और उनकी बदनामी ना हो और वे गर्व से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में अपने कार्यरत होने की जानकारी दें सके। दरअसल बैंक में विगत वर्षो से जारी घोटाले की खबर लगातार मीडिया में आने से आम लोगो में बैंक के प्रति गलत धारणा बन गई है, कुछ घोटालेबाजों के चलते बैंक के ईमानदार कर्मचारी परेशान हो रहे है, ऐसे में कार्यवाही चाहते है।

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