“अनुराग कश्यप ने क्यों हटाया अपना सरनेम? जानिए जाति और पहचान से जुड़ी वजहें”

ब्राह्मणों के खिलाफ बोलने वाले अनुराग कश्यप किस जाति के हैं? खुद बताई थी सरनेम हटाने की वजह

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप हमेशा अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले अनुराग कई बार ब्राह्मणवाद, जातिवाद और सामाजिक भेदभाव को लेकर आलोचना करते नज़र आए हैं। ऐसे में एक सवाल अक्सर लोगों के ज़हन में उठता है — आखिर अनुराग कश्यप खुद किस जाति से ताल्लुक रखते हैं, और उन्होंने अपने सरनेम का इस्तेमाल क्यों बंद कर दिया?

सरनेम हटाने के पीछे की वजह

एक पुराने इंटरव्यू में अनुराग कश्यप ने बताया था कि उन्होंने अपना ‘सरनेम’ यानी उपनाम इसलिए हटाया, क्योंकि वह जातिगत पहचान से खुद को अलग करना चाहते थे। उनका मानना है कि जाति व्यवस्था समाज को तोड़ती है और एक दूसरे के प्रति नफरत फैलाती है। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने नाम के साथ जाति जोड़ते रहेंगे, तब तक समाज में समानता नहीं आ सकती।

कौन सी जाति से आते हैं अनुराग कश्यप?

अनुराग कश्यप ने कभी सार्वजनिक रूप से अपनी जाति की पुष्टि नहीं की है। हालांकि उनका उपनाम “कश्यप” पारंपरिक रूप से एक ब्राह्मण गोत्र से जुड़ा माना जाता है, लेकिन वे खुद इस पहचान से दूरी बनाकर चलते हैं। उनके अनुसार, एक इंसान की पहचान उसके काम और सोच से होनी चाहिए, न कि उसकी जाति या धर्म से।

ब्राह्मणवाद पर तीखी टिप्पणी

कश्यप कई बार ब्राह्मणवाद की आलोचना कर चुके हैं। उनका कहना है कि यह एक ऐसी सोच है, जो खुद को श्रेष्ठ मानती है और दूसरों को नीचे देखती है। वह मानते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक, ब्राह्मणवादी सोच गहराई तक जड़ें जमाए हुए है और इससे बराबरी की लड़ाई और भी मुश्किल हो जाती है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

अनुराग कश्यप के इस रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग उनकी सोच और साहस की तारीफ करते हैं, तो कुछ उन्हें ‘जातिवादी’ या ‘एंटी-ब्राह्मण’ करार देते हैं। हालांकि, अनुराग इन आलोचनाओं से पीछे नहीं हटते और लगातार समाज में बराबरी की वकालत करते रहते हैं।