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धर्म डेस्क 31 अक्टूबर 2026: धनतेरस का पर्व इस साल 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्रवार और त्रयोदशी तिथि का संयोग होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष से भी जोड़कर देखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है। वहीं, शुक्र प्रदोष पर भगवान शिव की आराधना और सफेद वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है। इस मौके पर शिवलिंग का अभिषेक करने, बेलपत्र चढ़ाने और मंत्र जाप जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
धनतेरस पर क्यों खास है शुक्र प्रदोष का संयोग?
जब प्रदोष व्रत शुक्रवार को पड़ता है, तो उसे शुक्र प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सुख-सुविधाओं, वैभव और आर्थिक समृद्धि की कामना से पूजा की जाती है।
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और धन के देवता कुबेर की आराधना का भी विधान है। इस बार शुक्रवार को धनतेरस पड़ने के कारण शिवजी के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का भी महत्व बताया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ के साथ जरूरतमंदों की सहायता और दान-पुण्य करना शुभ होता है।
धनतेरस पर शिवजी को प्रसन्न करने के 4 उपाय
1. शिवलिंग का अभिषेक करें
धनतेरस पर शाम के समय भगवान शिव का कच्चे दूध, गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा से अभिषेक करने पर महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
2. सफेद चंदन और इत्र अर्पित करें
भगवान शिव को सफेद चंदन लगाएं। इसके साथ गुलाब का इत्र या सुगंधित फूल अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे मानसिक शांति और वैवाहिक जीवन की सुख-शांति की कामना से जोड़ा जाता है।
3. 11 बेलपत्र चढ़ाकर मंत्र जाप करें
शिवलिंग पर 11 बेलपत्र अर्पित करें और इसके बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। चाहें तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। मान्यता के अनुसार, शिव पूजा में बेलपत्र चढ़ाना और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
4. सफेद वस्तुओं का दान करें
शुक्र प्रदोष के मौके पर सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को चावल, दूध या सफेद वस्त्र दान कर सकते हैं। कुछ धार्मिक परंपराओं में स्नान के पानी में थोड़ा इत्र या इलायची डालकर स्नान करने का भी उल्लेख मिलता है।
धनतेरस पर बरकत के लिए क्या करें?
1. साबुत धनिया और नमक खरीदें
धनतेरस पर साबुत धनिया और नमक का नया पैकेट खरीदकर घर लाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे धन-धान्य और बरकत की कामना से जोड़ा जाता है।
2. नई झाड़ू खरीदें
धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदना भी कई घरों में शुभ माना जाता है। मान्यता है कि झाड़ू घर की नकारात्मकता दूर करने और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना का प्रतीक है। कुछ लोग नई झाड़ू पर सफेद धागा भी बांधते हैं।
3. भगवान कुबेर की पूजा करें
धनतेरस की शाम भगवान कुबेर की पूजा कर सकते हैं। पूजा के बाद इस मंत्र का जाप किया जाता है:
‘ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः।’
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुबेर की पूजा धन-धान्य और सुख-समृद्धि की कामना से की जाती है।
पूजा के साथ दान-पुण्य भी करें
धनतेरस और शुक्र प्रदोष के इस संयोग में शिवजी, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ जरूरतमंदों की सहायता और दान-पुण्य करने की भी परंपरा है। इन उपायों का महत्व धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इन्हें आर्थिक परेशानियां दूर होने या धन बढ़ने की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।


