ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग से मार्च तक, विपक्ष का पूरा कार्यक्रम

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नई दिल्ली 31 अक्टूबर 2026:
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली में मार्च निकालेगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि मार्च दोपहर में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। इससे पहले 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ और मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया जा रहा है।

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बारिश के कारण विपक्ष के ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम को शुक्रवार से शनिवार के लिए टाल दिया गया था। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी ने सोशल मीडिया पर बताया था कि यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे होगा। इसके अगले दिन ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकाला जाएगा।

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मॉक पार्लियामेंट में SIR प्रभावित भी रखेंगे बात

विपक्ष के कार्यक्रम में मॉक पार्लियामेंट भी शामिल है। उपलब्ध शेड्यूल के मुताबिक, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को 5 से 7 मिनट बोलना है। इसके बाद SIR से प्रभावित दो लोग अपनी बात रखेंगे। फिर राजनीतिक दलों के नेता संबोधित करेंगे।

नेताओं के भाषण के बाद SIR से प्रभावित तीन और लोग तथा सिविल सोसाइटी के तीन सदस्य बोलेंगे। कार्यक्रम के अंत में राहुल गांधी का भाषण होगा और फिर प्रस्ताव स्वीकार किया जाएगा।

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर भी नेता जुटे। प्रियंका गांधी भी वहां पहुंचीं। गठबंधन सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ के साथ मॉक पार्लियामेंट की तैयारी में है।

अभिषेक सिंघवी ने की महाभियोग की मांग

कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग की। समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और संविधान से जुड़े मामलों में गंभीर गलतियां हुई हैं।

सिंघवी ने कहा, “यह देश ज्ञानेश कुमार को संविधान को अपनी निजी संपत्ति मानने की इजाजत नहीं देगा। यह देश ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग को अपनी जागीर समझने की छूट नहीं देगा। आज की यह सभा संविधान के खिलाफ किए गए गंभीर अपराधों के लिए उनके खिलाफ महाभियोग की मांग करती है।”

विपक्ष SIR की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। हालांकि, यहां ‘जन महाभियोग’ विपक्ष के कार्यक्रम का नाम है; इसे औपचारिक संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया के समान नहीं समझा जाना चाहिए।

रैली को लेकर दिल्ली पुलिस की तैयारी

रामलीला मैदान में होने वाली रैली और मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारी कर रही है। DCP सेंट्रल रोहित राजबीर ने बताया कि पुलिस आयोजकों के संपर्क में है और उनके साथ बैठक भी कर चुकी है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी चर्चा में शामिल हैं।

DCP के मुताबिक, पुलिस की कोशिश है कि मार्च के दौरान स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और बाजार आने वाले लोगों को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए यातायात को दूसरे रास्तों पर भेजने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलाके में करीब 200 से 250 CCTV कैमरे लगाए गए हैं।

जंगल सफारी में इस्तेमाल होने वाली बसें भी तैयार

रैली के लिए नेताओं के इस्तेमाल में आने वाली बसें भी चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जंगल सफारी में इस्तेमाल होने वाली बसों को रणथंभौर से मंगाया गया है। ये बसें कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन में खड़ी हैं। इनमें 20-20 सीटें हैं।

BJP ने विपक्ष के कार्यक्रम पर उठाए सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम पर BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आलोचना की। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने इसे राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए कहा कि जनता इस तरह के कार्यक्रमों को स्वीकार नहीं करेगी। सरावगी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट से फटकार खाने के बाद, ‘घमंडिया’ गठबंधन द्वारा किया गया यह तथाकथित ‘सार्वजनिक महाभियोग’ असल में उनके अपने तय राजनीतिक अंत का विलाप है। इस देश की जनता किसी भी हाल में इस तरह के नौटंकी और ड्रामे को बर्दाश्त नहीं करेगी।” वहीं, विपक्ष का कहना है कि उसका प्रदर्शन SIR में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की भूमिका के विरोध में है।

मार्च की अनुमति को लेकर भी सवाल

कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहीं महुआ मांझी ने मार्च की अनुमति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अपनी बात जनता तक पहुंचाने का यह एक माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार विशेष सत्र बुलाती है, तो विपक्ष उसके लिए तैयार है। मांझी ने रैली से दिल्ली के व्यापार को फायदा होने की बात भी कही। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग दिल्ली आएंगे और खरीदारी के बाद लौटेंगे।