Maiya Samman Yojana का लाभ ले रहे मुर्दे, 584 फर्जी लाभुकों से सूद के साथ राशि वसूली का आदेश जारी…

स्वतंत्र बोल
झारखण्ड 09 फरवरी 2028: 
हेमंत सोरेन (Hemant Government) सरकार भी मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana ) में हो रहे फर्जीवाड़े को लेकर सख्ती दिखा रही है। इसी कड़ी में पलामू डीसी ने आदेश दिया है कि, ‘मंईयां सम्मान योजना’ के लाभुकों की जांच की जाए। वहीं जांच में सिर्फ चार प्रखंडों में 584 अयोग्य लाभुक पाये गये हैं। जिसके बाद जिला प्रशासन ने सभी प्रखंडों के बीडीओ (BDO) को निर्देश दिया है कि, मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana ) में जो भी अयोग्य लाभुक हैं उनकी जांच की जाए और उनपर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही निर्देश यह भी है कि, फर्जी तरीके से मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेनेवालों से सूद के साथ राशि की वसूली की जाये।

मंईयां सम्मान योजना का फर्जी तरीके से लाभ उठा रहे लोग

जानकारी के मुताबिक, जब मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana ) के लाभुकों की जांच की गई तो जांच में सामने आया कि, परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी कर रहे हैं लेकिन उन्ही के परिवार के लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। वहीं एक सदस्य पारा टीचर होने के बाद भी उनके घर के ही लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं। वहीं जांच में यह भी सामने आया कि, स्वास्थ्य सहिया भी मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana ) का लाभ लेने से पीछे नहीं है। बता दें कि, पलामू (Palamu) जिले में दिसंबर में तीन लाख 72 हजार 937 लाभुकों के खाते में राशि (Installment of maiya samman yojana) भेजी गयी है।

मुर्दे भी उठा रहे योजना का लाभ

यहां चौकाने वाली बात यह है कि, मंईयां सम्मान योजना का लाभ मुर्दें भी ले रहे हैं। दरअसल, नावाडीह पंचायत के पंचायत सेवक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि उर्मिला देवी की मौत तीन महीने पहले हुई है। उन्होंने कहा कि एक और अन्य महिला की भी मौत हुई है। इसकी जांच की जा रही है कि मृत होने के बाद उसके खाते में कितनी राशि गयी है या नहीं। इस संबंध में जांच कर रामगढ़ के बीडीओ को सूचना दे दी गयी है।

पहले भी सामने आया मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़े का मामला

यह पहली बार नहीं है कि मईया सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana ) का लाभ लेने के लिए लोग इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इससे पहले भी बंगाल के ही यूसुफ का मामला सामने आया था, उसके बैंक अकाउंट से 95 आवेदन जुड़े थे। सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए बंगाल के यूसुफ ने एक बैंक अकाउंट दर्ज कर 95 बार आवेदन किया। इसमें चास प्रखंड के चास नगर निगम क्षेत्र से 67 बार और गोमिया प्रखंड से 28 बार आवेदन किया गया। वहीं मामला सामने आने के बाद कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए। सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन के दौरान इसका खुलासा हुआ है। इस खुलासे से अधिकारी भी हैरान दंग रह गए।

मंईयां सम्मान योजना की छठी किस्त का इतंजार कर रहे लाभुक

बता दें कि, मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की छठी किस्त (6th installment of maiya samman yojana) आने का लाभुक इंतजार कर रहे हैं। किस्त नहीं जाने के पीछे की वजह लाभूक का सत्यापन नहीं होना है। सभी की जांच की जा रही है जिस वजह से लाभुक को किस्त मिलने में देरी आ रही है। सभी चीजें सामान्य होगी और पैसा लाभुक के खाते में पहुंच जाएगा। वहीं अब बड़े स्तर पर कैम्प लगाकर सभी का सत्यापन और राशन कार्ड का ई-केवाइसी किया जा रहा है। लाभुकों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके खाते में योजना की राशि आ जाएगी।

मंईयां सम्मान योजना को लेकर अधिकारियों को खास निर्देश जारी

बता दें कि, मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग ने निर्देश जारी किया कि, सभी जिलों के आपूर्ति पदाधिकारी राशन कार्डधारियों का 25 फरवरी तक ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से करा लें। वहीं विभाग की तरफ से ये स्पष्ट किया गया कि, मंईयां सम्मान योजना का लाभ देने में आ रही अड़चनों को दूर कर लिया गया है। विभाग की ओर से बताया गया है कि,’योजना में गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार ने सभी लाभार्थियों के पुनः सत्यापन का आदेश दिया। पिछले एक महीने से यह सत्यापन प्रक्रिया चल रही है और अब यह अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सत्यापन पूरा होते ही छठी किस्त का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा’।

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