स्वतंत्र बोल
रायपुर 26 मार्च 2025. भारत माला सड़क परियोजना में हुए मुआवजे घोटाले में राजस्व अधिकारियो और भूमाफियाओ के संगठित गिरोह ने सरकारी और निजी खजाने को करोडो का चूना लगाया है। प्रभावित किसान और अन्य राजस्व अधिकारियों से लगातार निवेदन करते रहे, पर आर्थिक हित में धृतराष्ट्र बने एसडीएम और उनके मातहतों ने करोडो रुपये भूमाफियाओ को जारी कर दिया। ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के दो करोड़ 37 लाख रूपये के मुआवजा राशि को भी डकार गए, जबकि मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन ने शपथ पत्र देकर बताया कि उमा तिवारी पति केदार तिवारी नामक महिला फर्जी है, उसका मंदिर ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है।
कौन है उमा तिवारी-

तत्कालीन राजस्व अधिकारी निर्भय साहू ने जैतूसाव मठ के मुआवजा राशि को उमा तिवारी नामक महिला के इंडसइंड बैंक सुन्दर नगर में जारी किया था। उमा तिवारी पति केदार स्वयं को जैतूसाव मठ के संस्कृत पाठशाला में शिक्षक रहे स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय की बेटी दर्शाकर मुआवजा के लिए आवेदन की थी। उमा वर्तमान में अपने पति केदार तिवारी के साथ वर्तमान में महादेवघाट के बांसटाल में निवासरत है। उसने एसडीएम अभनपुर को दिए आवेदन में उल्लेखित किया था कि उनके पिता स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय ने साल 1972 में महंत लक्ष्मीनारायण दास से जमीन ख़रीदा था, उनकी मृत्यु के बाद साल 1986 में फौत होने के बाद भी नामांतरण नहीं हुआ है,, उक्त जमीन वर्तमान में ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के नाम पर दर्ज है और मई ही एकमात्र वारिस हूँ अतः मुझे मुआवजा भूमिस्वामी के हैसियत से दिया जाए। आवेदन में उमा टिवटी और उसके पति केदार तिवारी दोनों के दस्तखत है। केदार तिवारी घरों में दैनिक पूजा पाठ करते है। आवेदन में उमा तिवारी का पता सुन्दर नगर रायपुर के साथ हस्तलिखित में एलएन ट्रेडिंग गोलबाजार पेटी लाइन रायपुर अंकित है।
शपथ पत्र भी काम नहीं आया-
करोडो के मुआवजे में खेल होता देख जैतूसाव मठ के अजय तिवारी ने शपथ पत्र देकर बताया कि विश्वनाथ पांडेय साल 1925 से संस्कृत पाठशाला में शिक्षक रहे, साल 1982 में उनकी मृत्यु हुई। उनके चार संताने है जिसमे किसी का भी नाम उमा तिवारी पति केदार तिवारी नहीं है। स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय के पोते सुभाष पांडेय ने भी शपथ पत्र देकर बताया था कि उमा तिवारी नामक कोई भी महिला स्व पांडेय की बेटी नहीं है। उसके बाद भिओ तत्कालीन एसडीएम साहू ने उमा तिवारी को करोडो रूपये जारी कर दिया था। इस पूरे खेल का मास्टरमइंड विजय जैन को बताया जाता है। पुष्ट जानकारी अनुसार विजय जैन जमीन कारोबारी है, राजधानी के पेटी लाइन में एलएन ट्रेडिंग कंपनी के नाम से डॉयफ्रुइट की दुकान है। उमा तिवारी के आवेदन में लिखा एड्रेस जैन के दुकान का बताया जा रहा है, इससे पहले मठ प्रबंधन द्वारा विजय जैन और उमा तिवारी की शिकायत एसएसपी से की गई थी।




