स्वतंत्र बोल
रायपुर ,10 मई 2026:
कोरबा में अधूरे पड़े विकास कार्यों और बीच में रुके निर्माण कार्यों को लेकर अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। समीक्षा बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का तेवर उस वक्त बेहद कड़ा नजर आया, जब कई वार्डों में काम शुरू ही नहीं होने और कुछ जगहों पर निर्माण बीच में रोक दिए जाने की जानकारी सामने आई। मंत्री ने साफ चेतावनी दी कि अब लापरवाही करने वाली निर्माण एजेंसियों पर सीधी कार्रवाई होगी, जरूरत पड़ी तो उन्हें ब्लैकलिस्ट भी कर दिया जाएगा।
नगर निगम कोरबा के दर्री जोन और सर्वमंगला नगर जोन में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत कार्य तय समयसीमा में पूरे कराए जाएं और जो काम अब तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल शुरू कराया जाए।
बैठक में सामने आया कि दोनों जोनों में कुल 166 विकास कार्य स्वीकृत हुए थे। इनमें कई कार्य अब तक अधूरे हैं, जबकि कुछ काम तो शुरू ही नहीं हो सके। दर्री जोन के 112 कार्यों में 45 पूरे हुए, 45 निर्माणाधीन हैं और 22 अभी तक शुरू नहीं हुए। वहीं सर्वमंगला नगर जोन के 54 कार्यों में 28 पूरे, 14 प्रगतिरत और 12 कार्य अप्रारंभ हैं।
यह आंकड़े सामने आते ही मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जिन एजेंसियों ने काम शुरू नहीं किया है या बीच में रोक दिया है, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किया जाए। अगर इसके बाद भी काम शुरू नहीं होता तो उनकी अमानत राशि जब्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
मंत्री श्री देवांगन ने यह भी साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री से लेकर हर काम की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और तय मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सीसी रोड, नाली निर्माण, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवन, शौचालय, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, तालाब गहरीकरण और मुक्तिधाम निर्माण जैसे कई अहम कार्यों की वार्डवार समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सिर्फ निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी मंत्री का रुख सख्त दिखाई दिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था में और कसावट लाई जाए। मंत्री ने कहा कि कोरबा ने पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में देशभर में 8वां स्थान हासिल किया था और अब लक्ष्य नंबर-1 बनने का होना चाहिए।
पेयजल संकट को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट किया। उन्होंने कहा कि किसी भी वार्ड में पानी की सप्लाई बाधित होने पर तत्काल टैंकर से पानी पहुंचाया जाए, ताकि गर्मी में लोगों को परेशानी न हो। साथ ही स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मंत्री ने पार्षदों से कहा कि वे अपने वार्डों की सबसे जरूरी जरूरतों की सूची तैयार कर उन्हें दें, ताकि जल्द प्रस्ताव बनाकर शासन से स्वीकृति दिलाई जा सके।
अब कोरबा में विकास कार्यों को लेकर सरकार का यह सख्त रुख चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई लापरवाह एजेंसियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।


