स्वतंत्र बोल
रायपुर 1 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रिंटिंग कार्य में करोड़ों रुपये के अवैध भुगतान मामले में EOW ने कोर्ट में 2 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की है. जिसमें तत्कालीन MD सुभाष मिश्रा समेत 4 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस चार्जशीट में बताया गया है कि साल 2009-10 में निगम के अधिकारियों ने नियमों और निविदा शर्तों का उल्लंघन करते हुए फर्मों को अन्य मदों में गलत तरीके से भुगतान किया था.
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जांच में खुलासा हुआ कि निगम ने एमजीएमएल को कक्षा 3, 4 की हिंदी और गणित विषय की किताबों के लिए कुल 5.87 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि वास्तविक राशि केवल 1.83 करोड़ होनी चाहिए थी. अधिकारियों ने 4.03 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान फर्मों को किया. भ्रष्टाचार की इस राशि में 5% सर्विस चार्ज और 2% टीडीएस घटाने के बाद भी 3.61 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ फर्मों को पहुंचाया गया.
जाने कौन है, आरोपी
इस घोटाले में तत्कालीन महाप्रबंधक सुभाष मिश्रा उपमहाप्रबंधक संतोष पिल्ले, नंद गुप्ता मेजर्स छत्तीसगढ़ पैकेज प्राइवेट लिमिटेड और युगबोध अग्रवाल मेजर्स प्रमोद एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के सिंडिकेट ने इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया था. इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत करीब 2000 पेज का आरोप पत्र रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया.
इस मामले में एक अन्य आरोपी, तत्कालीन प्रबंधक जोसफ पीटर के खिलाफ भी सबूत जुटाए गए हैं. अब न्यायालय की अनुमति के बाद आरोप पत्र पेश किया जाएगा.
