स्वतंत्र बोल
रायपुर 6जुन 2026 । कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलाव को लेकर दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सियासत गरमा गई है। पीएम मोदी ने कांग्रेस शासित राज्यों पर निशाना साधते हुए कहा था कि वहां अराजकता और असंतोष का माहौल है और कांग्रेस 12 वर्षों से अनिश्चितता फैलाकर अवसर तलाश रही है।
इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री “ताश के पत्तों की तरह नेताओं को फेंटते हैं और दूसरों को उपदेश देते हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में भी स्थिति अलग नहीं है और उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां हारे हुए उम्मीदवार को मुख्यमंत्री बना दिया गया।
भूपेश बघेल ने कहा कि देश में असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार केवल राजनीतिक बयानबाजी में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, किसानों की समस्याओं, खाद-बीज की उपलब्धता और परीक्षाओं में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया।
कर्मचारियों के अपमान से जुड़े मामलों पर बोलते हुए बघेल ने कहा कि “रीलबाजी के लिए धमकाना-चमकाना गलत है।” उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी और अधिकारी का अपना सम्मान होता है और गलत पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक रूप से अपमान उचित नहीं है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी उन्हें लगातार टारगेट कर रही है और “दिन-रात मेरे ही सपने देखती है।” उन्होंने कहा कि यह भी अच्छी बात है कि भाजपा उन्हें अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखती है।
इसी बीच कांग्रेस ने झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता अजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस जिम्मेदारी को उन्होंने बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि वह दिल्ली से रांची के लिए रवाना होंगे और पार्टी कार्यों में हिस्सा लेंगे।


