स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 अगस्त 2025: बीमा अवधि में मृत्यु होने पर बीमा राशि देने से इनकार करने पर बीमा कंपनी को अब बीमा राशि 68 लाख 40 हजार रुपये, मुकदमे का खर्च 10 हजार व मानसिक क्षतिपूर्ति एक लाख रुपये देने का आदेश उपभोक्ता आयोग ने दिया। शिकायतकर्ता सौरभ वैष्णव निवासी नरियरा तहसील मालखरौदा जिला सक्ती के पिता शाम दास वैष्णव ने अपने जीवन काल में टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से स्मार्ट संपूर्ण रक्षा पॉलिसी ली थी, जिसकी अवधि 23 अगस्त 2023 से 23 अगस्त 2063 तक थी।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
राज्यपाल रमन डेका को बनाया गया टीबी मरीजों का ‘निक्षय मित्र’
इसमें परिवादी नामिनी था, जिसमें बीमा धारक की किसी भी प्रकार से मृत्यु होने पर बीमा धन 68 लाख 40 हजार था। बीमा धारक की मृत्यु 24 अक्टूबर 2023 को हार्ट अटैक की वजह से हुई थी। परिवादी ने बीमा धन के लिए बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत किया। बीमा कंपनी के द्वारा 31 दिसंबर 2023 को परिवादी का बीमा दावा निरस्त कर दिया। निरस्त करने का कारण बीमित व्यक्ति ने अपनी वार्षिक आय और नियोजन के बारे में गलत जानकारी दी थी और गलत तथ्यों के आधार पर पॉलिसी प्राप्त की थी। तब शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किया।
जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी, सदस्य महिमा सिंह ने दोनों पक्षों के द्वारा पेश शपथ पत्र, दस्तावेजों व तर्कों का सावधानी पूर्वक अवलोकन कर पाया कि बीमा धारक ने कोई गलत जानकारी नहीं दी थी। बीमा कंपनी ने बीमा दावा अस्वीकार करने का आयोग के समक्ष कोई विधिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है न ही कोई उचित और सुसंगत दस्तावेज प्रस्तुत किया है। बीमा कंपनी ने बिना किसी उचित कारण के बीमा राशि देने से इनकार कर सेवा में कमी की
