मंत्रालय में ‘डिजिटल नजर’ का असर… लेट आने वालों की बढ़ी टेंशन, अब अच्छे काम वालों को मिला बड़ा सम्मान

स्वतंत्र बोल
रायपुर,15 अप्रैल 2026 :
 मंत्रालय में काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है और अब हर मिनट की निगरानी हो रही है। ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के लागू होने के बाद जहां एक ओर कामकाज में पारदर्शिता आई है, वहीं देर से आने वालों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। इसी बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे मंत्रालय में नई कार्य संस्कृति का संकेत मिला है।

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मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील ने ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक उपस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अब मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस पर तेजी से काम कर रहे हैं, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार और समयबद्धता साफ नजर आ रही है।

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मुख्य सचिव ने सभी कर्मचारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि समय पर कार्यालय पहुंचकर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में 100 प्रतिशत समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी।

ट्रेनिंग पर भी जोर
ई-फाइल सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत है, उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जाए।

इन अधिकारियों ने मारी बाजी
कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। संयुक्त सचिव स्तर पर भूपेन्द्र कुमार राजपूत पहले स्थान पर रहे, जबकि सत्यनारायण श्रीवास्तव और अनुपम त्रिवेदी ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।

उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, सहायक अनुभाग अधिकारी और अन्य श्रेणियों में भी कई अधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन कर स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा बायोमेट्रिक अटेंडेंस में समयबद्धता दिखाने वाले कर्मचारियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

विभागों में भी प्रतिस्पर्धा
ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों में गृह विभाग पहले स्थान पर रहा, जबकि धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।

यह पूरा आयोजन सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह साफ संकेत भी दे गया कि अब मंत्रालय में कामकाज पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा। डिजिटल सिस्टम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और आने वाले समय में काम के आधार पर ही पहचान तय होगी।