स्वतंत्र बोल
रायपुर, 27 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ कल्चर पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अजनबी युवक-युवतियों को जोड़ने वाले इस इवेंट के पीछे क्या चल रहा था, इसे लेकर शहर में अचानक माहौल गर्म हो गया और ऐन मौके पर पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
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दरअसल, लुधियाना की एक संस्था द्वारा आयोजित इस मीटअप का प्रचार सोशल मीडिया के जरिए किया गया था। शुरुआत में यह कार्यक्रम कटोरा तालाब स्थित एक कैफे में रखा गया था, लेकिन विरोध की आशंका के चलते स्थान बदलकर तेलीबांधा इलाके के एक अन्य कैफे में कर दिया गया। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ।
जैसे ही आयोजन की जानकारी सामने आई, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए अजनबी युवक-युवतियों को मिलवाकर गलत गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है।
स्थिति को तनावपूर्ण होते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कैफे को बंद करवा दिया और पूरे आयोजन को रद्द कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अवांछित स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया।
इस मामले को और ज्यादा सनसनीखेज तब बना दिया जब लोगों को याद आया कि इससे पहले भी रायपुर में ‘न्यूड पार्टी’ के नाम पर सोशल मीडिया पर एक बड़ा ठगी नेटवर्क सामने आ चुका है। ऐसे में इस नए मीटअप को लेकर भी तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं।
हालांकि, पुलिस के पास अब तक आयोजकों के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है, इसलिए कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। लेकिन प्रशासन और स्थानीय संगठनों की नजर अब ऐसे आयोजनों पर और ज्यादा सख्त हो गई है।
यह घटना साफ संकेत देती है कि सोशल मीडिया के जरिए हो रहे ऐसे आयोजनों के पीछे की सच्चाई क्या है, इसे लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।
