स्वतंत्र बोल
रायपुर, 09 अप्रैल 2026। रायपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अचानक गूंजते जयघोष, भीड़ का उमड़ता सैलाब और एक साथ सैकड़ों लोगों का सफर पर निकलना—यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का ऐसा दृश्य था, जिसने पूरे माहौल को बदल दिया।
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करीब 850 श्रद्धालुओं का दल विशेष ‘रामलला दर्शन’ ट्रेन से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। इस दौरान “जय श्री राम” के नारों से पूरा स्टेशन गूंज उठा और श्रद्धालुओं के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह और भावनाएं साफ नजर आईं। कई श्रद्धालु पहली बार अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन के लिए जा रहे हैं, जिससे इस यात्रा का महत्व और भी बढ़ गया है।
इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और टंकराम वर्मा ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यात्रियों से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने।
यह यात्रा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालु आगे काशी विश्वनाथ मंदिर में भी दर्शन करेंगे। राज्य सरकार द्वारा IRCTC और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के सहयोग से भोजन, आवास, चिकित्सा और भ्रमण सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
सरकार की ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक 52 ट्रेनों के जरिए 44 हजार से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा का लाभ ले चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 की यह पहली ट्रेन है, जिसके साथ कुल संख्या बढ़कर 53 ट्रेनों में 45 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं तक पहुंच चुकी है।
छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है और यहां लोग उन्हें “भांचा राम” कहकर पुकारते हैं। यही गहरा जुड़ाव इस यात्रा को और खास बना देता है।
रायपुर से निकली यह ट्रेन सिर्फ यात्रियों को उनके गंतव्य तक नहीं ले जा रही, बल्कि यह उस आस्था की कहानी भी बयां कर रही है, जो हर साल हजारों लोगों को एक साथ जोड़ देती है। अब सवाल यह है कि आने वाले दिनों में इस योजना का दायरा और कितना बढ़ेगा, और कितने लोग इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे।
