स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 6 अक्टूबर 2026 : भारतीय वायुसेना को अपना नया प्रमुख मिल गया है। केंद्र सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का नया चीफ नियुक्त किया है। वह वर्तमान में वायुसेना के डिप्टी चीफ की भूमिका निभा रहे थे। आसमान में करीब 3,500 घंटे उड़ान का लंबा अनुभव रखने वाले एयर मार्शल दीक्षित अब आधिकारिक तौर पर इंडियन एयरफोर्स की कमान संभालेंगे।
1986 में फाइटर स्ट्रीम में हुए थे कमीशन
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था। वह 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। अपने लगभग चार दशक लंबे करियर में उन्होंने कई अहम पदों पर सेवाएं दी हैं। वह साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर और सदर्न एयर कमांड के एयर डिफेंस कमांडर के पद पर भी रह चुके हैं।
20 तरह के विमान उड़ाने में माहिर
नवनियुक्त वायुसेना प्रमुख को 20 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमानों और परिवहन विमानों को उड़ाने का व्यापक अनुभव है। उनके पास मिराज-2000, मिग के विभिन्न वेरिएंट, जगुआर, हॉक, तेजस, एचपीटी-32, एएन-32, एवरो, किरण और आईएल-78 जैसे प्रमुख विमानों पर उड़ान भरने का अनुभव है। उन्हें नीले आसमान में 3,500 घंटों से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है।
4 दशक के करियर में मिले 4 बड़े मेडल
विशिष्ट सैन्य सेवाओं के लिए एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को चार बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।
ऑपरेशनों में अहम भूमिका और आत्मनिर्भरता पर जोर
अपने सेवा करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यासों और ऑपरेशनों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। उन्होंने ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों को लीड किया है या उनमें शामिल रहे हैं। इसके अलावा एयर मार्शल दीक्षित को स्वदेशी एलसीए तेजस और भारतीय उड्डयन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। उनकी नियुक्ति से वायुसेना में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को और गति मिलने की उम्मीद है।


