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नई दिल्ली 30 सितम्बर 2026 : घर सजाते समय फर्नीचर का डिजाइन और सुविधा तो देखी ही जाती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में सामान की दिशा और जगह को भी महत्वपूर्ण माना गया है। खासतौर पर ड्रेसिंग टेबल और डाइनिंग टेबल को लेकर कुछ पारंपरिक मान्यताएं हैं। इनके अनुसार ड्रेसिंग टेबल को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है, जबकि डाइनिंग टेबल के लिए पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा को अनुकूल बताया गया है।
ड्रेसिंग टेबल के लिए कौन सी दिशा शुभ?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार ड्रेसिंग टेबल को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है। ड्रेसिंग टेबल में लगा आईना कमरे की रोशनी को प्रतिबिंबित करता है। इसलिए इसे रखने की जगह पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
अगर ड्रेसिंग टेबल बेडरूम में रखी जा रही है तो ऐसी जगह चुनने की सलाह दी जाती है, जहां कमरे में आने-जाने में परेशानी न हो। आईने की स्थिति भी इस दौरान ध्यान में रखनी चाहिए।
बेड के ठीक सामने आईना लगाने से क्यों बचें?
वास्तु शास्त्र में बेड के ठीक सामने आईना लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सोते समय आईने में व्यक्ति का प्रतिबिंब दिखाई देने से कमरे की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
अगर कमरे की बनावट ऐसी है कि आईने को बेड के सामने से हटाना संभव नहीं है तो रात में उसे कपड़े से ढकने की सलाह दी जाती है। यह वास्तु से जुड़ी पारंपरिक मान्यता है।
दरवाजे के सामने ड्रेसिंग टेबल न रखें
ड्रेसिंग टेबल को कमरे के दरवाजे के बिल्कुल सामने रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है। इसका एक व्यावहारिक कारण भी है। दरवाजा खोलने-बंद करने और कमरे में आने-जाने के दौरान रास्ता बाधित हो सकता है।
इसलिए ड्रेसिंग टेबल ऐसी जगह रखना बेहतर माना जाता है, जहां आईने के साथ कमरे में पर्याप्त खुली जगह भी बनी रहे।
डाइनिंग टेबल किस दिशा में रखें?
वास्तु के अनुसार डाइनिंग टेबल के लिए पश्चिम दिशा को अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा में भी डाइनिंग एरिया बनाया जा सकता है।
डाइनिंग एरिया केवल खाना खाने की जगह नहीं होता। परिवार के लोग यहां साथ बैठकर भोजन करते हैं और बातचीत भी करते हैं। इसलिए वास्तु मान्यताओं के साथ यह भी जरूरी है कि जगह आरामदायक और हवादार हो।
मुख्य दरवाजे के ठीक सामने न रखें डाइनिंग टेबल
वास्तु मान्यताओं के अनुसार डाइनिंग टेबल को घर के मुख्य प्रवेश द्वार के बिल्कुल सामने रखने से बचना चाहिए। इसी तरह इसे पूजा स्थान के ठीक सामने रखना भी उचित नहीं माना जाता।
व्यावहारिक तौर पर भी डाइनिंग टेबल को प्रवेश द्वार से थोड़ा अलग रखना बेहतर होता है। इससे घर में आने-जाने वालों के लिए पर्याप्त जगह बनी रहती है।
वास्तु में दिशा का क्यों है महत्व?
वास्तु शास्त्र में घर की अलग-अलग दिशाओं को अलग-अलग तत्वों और ऊर्जाओं से जोड़कर देखा जाता है। इसी आधार पर फर्नीचर और दूसरी वस्तुओं को रखने की दिशाओं से जुड़ी मान्यताएं बताई गई हैं।
हालांकि, इन नियमों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यता के तौर पर देखना चाहिए। ड्रेसिंग या डाइनिंग टेबल को किसी खास दिशा में रखने से सुख-समृद्धि या परेशानी निश्चित रूप से बढ़ती या घटती है, ऐसा तय तौर पर नहीं कहा जा सकता।


