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बिलासपुर 25 सितम्बर 2026 :पॉक्सो मामले में सेंट जेवियर स्कूल की प्राचार्या को बिलासपुर हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चार्जशीट और आगे की आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने प्राचार्या को ट्रायल के दौरान सभी कानूनी आधार उठाने की स्वतंत्रता दी है।
अभियोजन के अनुसार, नाबालिग पीड़िता के साथ कथित यौन अपराध हुआ था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसने घटना की जानकारी स्कूल की प्राचार्या और दो शिक्षकों को दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर सिरगिट्टी थाने में मामला दर्ज किया गया।
मामले में विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत चालान पेश किया गया। इसके बाद प्राचार्या ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चार्जशीट और आगे की आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी।
प्राचार्या ने क्या दलील दी?
प्राचार्या की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि मामले के मुख्य आरोपी राहुल बंगारू ने 9 जुलाई 2025 को ही स्कूल से इस्तीफा दे दिया था। जबकि कथित घटना 14 दिसंबर 2025 की बताई गई है।
याचिका में तर्क दिया गया कि घटना के समय राहुल बंगारू प्राचार्या के नियंत्रण में नहीं था। इसलिए प्राचार्या के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 लागू नहीं होती।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने कहा कि राहुल बंगारू के इस्तीफे की तारीख और पीड़िता ने प्राचार्या को घटना की जानकारी दी थी या नहीं, दोनों विवादित तथ्य हैं। इनसे जुड़े सवाल साक्ष्य के आधार पर तय किए जाने हैं।
कोर्ट ने कहा कि इन विवादित तथ्यों का फैसला बीएनएसएस की धारा 528 के तहत हाईकोर्ट में नहीं किया जा सकता। इसलिए प्राचार्या की याचिका निरस्त कर दी गई।
हालांकि, कोर्ट ने प्राचार्या को ट्रायल कोर्ट के सामने सभी कानूनी आपत्तियां और आधार उठाने की स्वतंत्रता दी है। व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए उन्हें बीएनएसएस की धारा 228 के तहत ट्रायल कोर्ट में आवेदन देने की भी स्वतंत्रता दी गई है।


