NEET परीक्षा में इस बार ‘नो चांस’! मोबाइल, इंटरनेट, स्मार्टवॉच सब बैन, 21 जून को परीक्षा से पहले लागू हुआ डिजिटल लॉकडाउन

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नई दिल्ली 08 जून 2026:  पिछले वर्ष NEET-UG परीक्षा में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए ऐसी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है, जिसे देखकर अभ्यर्थी भी हैरान हैं और नकल माफिया की नींद भी उड़ गई है।

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सूत्रों के मुताबिक इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए कई अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है।

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विशेषज्ञों पर डिजिटल लॉकडाउन

सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फैसला उन विशेषज्ञों को लेकर लिया गया है जो प्रश्नपत्र तैयार करने, उसकी समीक्षा करने और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद का काम कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार इन विशेषज्ञों को एक अत्यंत सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर रखा गया है। 21 जून तक वे बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह कटे रहेंगे। उनके पास मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टवॉच या किसी भी तरह के डिजिटल उपकरण रखने की अनुमति नहीं है।

इतना ही नहीं, जिस परिसर में उन्हें रखा गया है वहां इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर दी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर जानकारी बाहर न जा सके।

हर कदम पर होगी निगरानी

NTA ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में विभाजित किया है। परीक्षा से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति, दस्तावेज और गतिविधि की निगरानी की जा रही है।

केवल अधिकृत अधिकारियों को ही संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

पेपर पहुंचाने में वायुसेना की मदद

पेपर लीक की संभावना को खत्म करने के लिए इस बार प्रश्नपत्रों के वितरण की व्यवस्था भी पूरी तरह बदल दी गई है।

सूत्रों के अनुसार प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों की मदद ली जा रही है। इससे प्रश्नपत्रों के परिवहन के दौरान किसी भी तरह की छेड़छाड़ या लीक की आशंका को न्यूनतम करने की कोशिश की जा रही है।

जिम्मेदारियां भी बांटी गईं

इस बार पूरी प्रक्रिया में “कंपार्टमेंटलाइजेशन” मॉडल अपनाया गया है। यानी किसी एक व्यक्ति या समूह को पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जानकारी नहीं होगी। अलग-अलग चरणों की जिम्मेदारी अलग-अलग टीमों को सौंपी गई है, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा दोनों मजबूत हों।

22 लाख से ज्यादा छात्रों की नजर परीक्षा पर

गौरतलब है कि पिछली परीक्षा में सामने आए विवादों के बाद लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था। इसी वजह से इस बार करीब 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह

परीक्षा देने जा रहे छात्रों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रतिबंधित वस्तुएं परीक्षा केंद्र में ले जाने पर कार्रवाई हो सकती है।

21 जून को होने वाली NEET परीक्षा अब सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि देश की सबसे सुरक्षित और कड़ी निगरानी वाली परीक्षाओं में से एक बनने जा रही है। इस बार NTA का साफ संदेश है—पेपर लीक और गड़बड़ी के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’।