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रायगढ़ 28 मई 2026: खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम गुरदा में मिले 16 वर्षीय किशोर के शव मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पहले जिस मौत को हादसा समझा जा रहा था, वह अब बेरहमी से की गई हत्या निकली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में किशोर को इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को बरगद के पेड़ के नीचे फेंककर पूरे मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
घटना का खुलासा होते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक 25 मई 2026 को ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक किशोर का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीओपी प्रभात पटेल, थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान थाना छाल क्षेत्र के ग्राम बरभौना निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई।
मृतक के बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि 24 मई की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसे बाइक पर बैठाकर काम कराने ले गया था, लेकिन देर रात तक वह घर नहीं लौटा। परिवार पूरी रात उसकी तलाश करता रहा और अगले दिन उसका शव बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले, तब पुलिस को हत्या की आशंका हुई। इसके बाद खरसिया पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पूछताछ के दौरान ऋषि डनसेना ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह किशोर को अपने साथियों चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और एक नाबालिग के पास छोड़कर गया था। बाद में फोन करने पर उसे वहां झगड़े और मारपीट की आवाजें सुनाई दी थीं।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि सभी लोग खेत में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात पर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने किशोर के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। हाथ-मुक्कों से की गई पिटाई के दौरान किशोर खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी घबरा गए और शव को बरगद के पेड़ के नीचे ले जाकर रख दिया ताकि लोगों को लगे कि यह कोई हादसा है। इतना ही नहीं, जब गांव वालों ने मृतक के बारे में पूछा तो आरोपियों ने झूठ बोल दिया कि वह अपने घर चला गया है।
खरसिया पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर पूरा रिकंस्ट्रक्शन कराया और घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए हैं। मामले में हत्या के साथ साक्ष्य छिपाने की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष), रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है।
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि गंभीर अपराध करने और सबूत मिटाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई करेगी और किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।


