रात के अंधेरे में बजती कॉल… “मैं स्वास्थ्य सचिव बोल रहा हूं”  डर, दबाव और पैसों की मांग का खौफनाक खेल उजागर

स्वतंत्र बोल
रायपुर,02 अप्रैल 2026:
 छत्तीसगढ़ में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग से लेकर निजी अस्पताल संचालकों तक में दहशत फैला दी है। एक अज्ञात शख्स खुद को स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर अस्पतालों को फोन कर रहा है और शिकायतों का डर दिखाकर पैसों की मांग कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी खुद को “अजय अग्रवाल” बताता है और स्वास्थ्य सचिव के नाम का सहारा लेकर अस्पताल संचालकों पर मानसिक दबाव बनाता है। फोन पर वह दावा करता है कि अस्पताल के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज हैं, जिन्हें “सेटल” कराने के लिए रकम देनी होगी।

मंत्रालय बुलाकर रची जा रही थी साजिश
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। आरोपी ने कई अस्पताल संचालकों को मंत्रालय बुलाकर भी गुमराह करने की कोशिश की। वहां पहुंचने पर उन्हें यह एहसास हुआ कि वे किसी बड़े जाल में फंस चुके हैं। शिकायत खत्म कराने के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से पैसों की डिमांड की जा रही थी, जिससे अस्पताल संचालकों में डर का माहौल बन गया।

स्वास्थ्य विभाग ने किया बड़ा खुलासा
जैसे ही यह मामला स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कटारिया के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत रायपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। विभाग ने साफ कर दिया है कि “अजय अग्रवाल” नाम का कोई भी व्यक्ति न तो सचिव है और न ही विभाग से किसी भी रूप में जुड़ा हुआ है।

छवि खराब करने की साजिश या बड़ा गिरोह?
विभाग का मानना है कि यह सिर्फ ठगी का मामला नहीं, बल्कि विभाग की छवि खराब करने की एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। आरोपी द्वारा बड़े पद का दुरुपयोग कर अवैध वसूली की कोशिश की जा रही थी, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नामी अस्पताल भी बने निशाना
इस पूरे मामले में कई बड़े अस्पतालों के नाम सामने आए हैं। ए.एम. हॉस्पिटल (चरौदा, भिलाई), गंगोत्री अस्पताल (दुर्ग), एस.आर. हॉस्पिटल (भिलाई), आर.बी. हॉस्पिटल (बिलासपुर) और हाईटेक हॉस्पिटल समेत कई अन्य संस्थान भी इस फर्जी कॉल के जाल में फंस चुके हैं। कुछ अस्पतालों ने गोपनीयता बनाए रखने की शर्त पर अपने नाम उजागर नहीं किए हैं।

पुलिस में शिकायत, जांच तेज
ए.एम. हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मनोज पोपटनी और गंगोत्री अस्पताल के डॉ. ओम प्रकाश कराडे ने इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्वास्थ्य सचिव ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

विभाग ने जारी किया अलर्ट
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर स्वास्थ्य सचिव के नाम पर चल रहा यह खेल किसी एक शख्स का है या फिर इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। पुलिस जांच के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ पाएगा।