परंपरा गार्डन के संचालक बोले- हमने किसान से खरीदी जमीन, एडीएम को जाँच का अधिकार नहीं.. उधर एसडीएम ने महंत रामभूषण दास को बताया अवैध।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 15 जनवरी 2025.  धरमपुरा में श्री रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ की जमीनों के फर्जीवाडा और उन पर मैरिज पैलेस बनाये जाने का खुलासा होने के बाद अन्य जमीनों के जाँच की मांग उठने लगी है। मठ की जमीन पर मैरिज पैलेस बनाने की खबरों पर परंपरा गार्डन संचालक तेजप्रकाश अग्रवाल का बयां सामने आया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि
“हमने 40 साल पहले जमीन जाँच परख कर तत्कालीन भू स्वामी फेरहाराम साहू से ख़रीदा था, अब उसने अनुमति लिया या नहीं.. मुझे नहीं पता। एडीएम को मठ मंदिरो के जाँच का अधिकार नहीं है, और हमें कोई नोटिस, सूचना तक नहीं दी गई… रजिस्ट्री निरस्ती के आदेश जारी होने पर जानकारी मिली।”

दरअसल धरमपुरा में जैतूसाव मठ की जमीनों पर रसूखदारों का कब्ज़ा है, एडीएम द्वारा पारित किये गए आदेश से जमीनों में हुए खेल का पर्दा उठने लगा है। जिससे बड़े रसूखदारों की सच्चाई सामने आ रही है।

उधर साल के पहले ही दिन 1 जनवरी को पंजीयक सार्वजनिक न्यास व एसडीएम नंदकुमार चौबे ने जैतूसाव मठ के संबंध में बड़ा आदेश पारित किया था, जो अब सार्वजनिक हुआ है। एसडीएम द्वारा जारी आदेश के अनुसार महंत रामभूषण दास जैतूसाव मठ सर्वराकार नहीं थे, और उन्हें वसीयत करने या ट्रस्ट की जमीनों का बेचने का अधिकार था। रामभूषण दास महंत, लक्ष्मी नारायण दास के निधन के बाद साल 1988 में मठ के महंत बने थे, जिसे साल 2025 में पंजीयक सार्वजनिक न्यास ने अवैध माना है।

EXCLUSIVE मठ की जमीन पर बना परंपरा मरीज पैलेस, निरस्त होगी रजिस्ट्री ?