स्वतंत्र बोल
बिलासपुर 01 जून 2026: एक जमीन विवाद ने ऐसा दर्दनाक मोड़ ले लिया कि प्रताड़ना से परेशान किसान ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले की जांच में जो बातें सामने आईं, उसके बाद पुलिस ने पड़ोसी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम फरहदा में हुए इस मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार घर और जमीन खाली कराने के लिए लगातार दबाव, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकियों से परेशान होकर एक व्यक्ति ने कीटनाशक पी लिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
डीएसपी डीआर टंडन ने बताया कि ग्राम फरहदा बजरंग चौक निवासी परमेश्वरी पटेल ने शुक्रवार को सीपत थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक उनका परिवार सरकारी जमीन पर बने मकान में रह रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला बलराम यादव एक बुजुर्ग महिला को लेकर उनके घर पहुंचा और जमीन को उसका बताते हुए मकान खाली करने का दबाव बनाने लगा।
आरोप है कि विरोध करने पर बलराम यादव ने घर में घुसकर अश्लील गाली-गलौज की, मारपीट की और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से आहत होकर परमेश्वरी पटेल के पति कनक पटेल ने कीटनाशक का सेवन कर लिया।
गंभीर हालत में उन्हें तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 30 मई को उनकी मौत हो गई। किसान की मौत के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी लंबे समय से कनक पटेल और उनके परिवार को मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108, यानी आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा भी जोड़ दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। घटना के बाद फरार हुए आरोपी बलराम यादव की तलाश शुरू की गई। आखिरकार सीपत पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने उसे गनियारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


