स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2025: 2025 के ग्लोबल सेफ्टी इंडेक्स ने दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की नई लिस्ट जारी की है और इसमें कुछ हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. पाकिस्तान ने भारत को पीछे छोड़ते हुए एक बेहतर स्थान हासिल किया है, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और चीन जैसे बड़े देशों ने अपेक्षाकृत कम रैंकिंग पाई है.आइए जानते हैं कि किस देश ने कितनी रेटिंग प्राप्त की और इन आंकड़ों के पीछे की असल वजहें क्या हो सकती हैं.
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पाकिस्तान और भारत की सुरक्षा रैंकिंग में बड़ा फर्क
न्यूम्बियो द्वारा जारी किए गए 2025 के ग्लोबल सेफ्टी इंडेक्स में पाकिस्तान को 65वां स्थान मिला है, जबकि भारत 66वें स्थान पर रहा. यह दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि सुरक्षा के मामले में अब पाकिस्तान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है. खास बात यह है कि अमेरिका, जो सुरक्षा के लिए अक्सर शीर्ष देशों में शामिल रहता है, इस सूची में 89वें स्थान पर है, जो दोनों दक्षिण एशियाई देशों से भी नीचे है.
अंडोरा और यूएई जैसे देशों का दबदबा
इस लिस्ट में सबसे सुरक्षित देश के रूप में अंडोरा ने 84.7 अंक के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (84.5), कतर (84.2), ताइवान (82.9), और ओमान (81.7) का स्थान है. यह देश अपनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, कम अपराध दर, और बेहतर जीवन स्तर के कारण इस रैंकिंग में शीर्ष पर आए हैं.
क्या कहता है यह आंकड़ा?
न्यूम्बियो द्वारा जारी की गई इस रैंकिंग को विभिन्न देशों के नागरिकों द्वारा की गई सुरक्षा सर्वे पर आधारित किया गया है. इसमें देखा गया कि लोग दिन और रात के समय अपनी सुरक्षा को लेकर कितना संतुष्ट हैं. इसके अलावा, चोरी, शारीरिक हमले, उत्पीड़न, भेदभाव, और अन्य हिंसक अपराधों की दर को भी इसमें शामिल किया गया है.
यह लिस्ट हमें यह बताती है कि दुनिया भर में सुरक्षा का एहसास हमेशा आंकड़ों और सरकार की ओर से प्रस्तुत की गई जानकारी से ज्यादा व्यक्तिगत अनुभवों और संवेदनाओं पर आधारित होता है.
भारत और पाकिस्तान के लिए क्या है आगे का रास्ता?
भारत और पाकिस्तान की रैंकिंग में सिर्फ एक अंक का फर्क है, लेकिन यह दोनों देशों के लिए चिंता का विषय हो सकता है. भारत को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में कदम उठाने होंगे ताकि वह भविष्य में इस रैंकिंग में बेहतर स्थान पर आ सके.
तो, अगर आप भी दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में यात्रा करने या रहने का विचार कर रहे हैं, तो इस सूची को जरूर ध्यान में रखें. साथ ही, अपने देश की सुरक्षा के बारे में जागरूक रहना और सुधार के लिए कदम उठाना भी बहुत महत्वपूर्ण है.
ग्लोबल सेफ्टी इंडेक्स की यह नई रैंकिंग हमें यह दिखाती है कि सुरक्षा केवल सरकार या कानून व्यवस्था से नहीं, बल्कि आम जनता के अनुभवों और परसेप्शन से भी जुड़ी होती है. पाकिस्तान का भारत से आगे निकलना, अमेरिका का नीचे आना और छोटे देशों का शीर्ष पर होना इस बात का संकेत है कि हमें अपनी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में और काम करने की जरूरत है.
