एक धमाका और बिखर गई 17 जिंदगियां… वेदांता प्लांट हादसे के बाद सामने आई मौतों की पूरी तस्वीर

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 15 अप्रैल 2026:
 सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने एक झटके में 17 जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को उजाड़ दिया। हादसे के बाद का मंजर इतना भयावह था कि चारों ओर अफरा-तफरी और चीख-पुकार गूंजती रही। अब प्रशासन ने मृतकों की पहचान पूरी कर ली है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास टोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर मौके पर पहुंच गए और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया। प्रशासन की टीम ने हालात को संभालते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

घायलों की हालत गंभीर, कई अस्पतालों में इलाज जारी
घायलों को प्राथमिकता के आधार पर रायगढ़ के फोर्टिस अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है। कुल 36 श्रमिक इस हादसे से प्रभावित हुए, जिनमें से 17 की मौत हो चुकी है और 19 का इलाज जारी है।

सीएम से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक लगातार नजर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी हालात की समीक्षा कर रहे हैं।

मुआवजा और राहत की घोषणा
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री की ओर से भी मृतकों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की मदद स्वीकृत की गई है।

कंपनी प्रबंधन ने भी बड़ी घोषणा करते हुए मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और रोजगार सहयोग देने की बात कही है, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता और इलाज के दौरान वेतन जारी रखने का आश्वासन दिया गया है।

जांच के आदेश, उठने लगे सवाल
घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू में जुटी रही और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया है।

कई राज्यों के मजदूर बने हादसे का शिकार
इस हादसे में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के मजदूरों की मौत हुई है। सभी मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है और पार्थिव देह को उनके गृहग्राम भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक चूक ने 17 परिवारों की दुनिया उजाड़ दी—अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो बताएगी कि आखिर इस मौत के पीछे असली वजह क्या थी।