शव समझकर ले जा रहे थे परिजन, रास्ते में हुई हरकत से मचा हड़कंप; CMHO ने गठित की चार सदस्यीय जांच समिति

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 10 जून 2026: राजधानी के मित्तल हॉस्पिटल में एक युवक को मृत घोषित किए जाने के बाद एंबुलेंस में उसके हाथ-पैर हिलने का मामला अब गंभीर जांच का विषय बन गया है। घटना के वायरल वीडियो और परिजनों के आरोपों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की है।

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जांच समिति में डॉ. संजीव वोहरा, डॉ. विनाश चतुर्वेदी, डॉ. श्वेता सोनवानी और सनत कुमार पटेल को शामिल किया गया है। समिति अस्पताल की पूरी उपचार प्रक्रिया, मरीज को मृत घोषित किए जाने की परिस्थितियों और बाद की घटनाओं की जांच करेगी।

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दरअसल, पुरानी भिलाई के देवबलोदा निवासी रामअवतार रात्रे 3 जून को अपने घर के बाथरूम में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए रायपुर स्थित मित्तल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनकी पसली टूट गई है और हालत बेहद गंभीर है।

उपचार के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने युवक को मृत घोषित कर दिया और परिजनों को शव सौंप दिया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में शव लेकर अस्पताल से रवाना हुए, लेकिन कुछ ही देर बाद ऐसा हुआ जिसने सभी को हैरान कर दिया।

परिजनों के मुताबिक, एंबुलेंस में अचानक युवक के हाथ-पैर हिलने लगे। शरीर में हरकत देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत उसे पानी पिलाया। इसके बाद उसे तत्काल रायपुर के मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। हालांकि उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के दौरान परिजनों ने पूरा घटनाक्रम अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। मृतक के परिजनों ने युवक की मौत के लिए मित्तल हॉस्पिटल को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

अब सभी की नजरें CMHO द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक को मृत घोषित करने में कोई चिकित्सीय चूक हुई थी या नहीं। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।