स्वतंत्र बोल
बीजापुर,06 मई 2026: जिला मुख्यालय में अवैध उत्खनन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय से महज कुछ ही दूरी पर जमीन को चुपचाप खोखला किया जा रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मामला वेंकटराव कॉलेज के पीछे का है, जहां लंबे समय से ठेकेदार द्वारा बिना किसी अनुमति के मिट्टी और मुरुम की अवैध खुदाई की जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल खुलेआम चल रहा था, लेकिन प्रशासन तब हरकत में आया जब इसकी सूचना मीडिया के जरिए सामने आई।
सूचना मिलते ही खनिज विभाग और राजस्व की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन को रुकवाया। मौके से दो जेसीबी, दो टिप्पर और एक चैन माउंटिंग मशीन को जब्त किया गया। इसके साथ ही ठेकेदार के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी मशीनें दिन-रात जमीन खोदती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे बने रहे। जिस स्थान पर यह अवैध उत्खनन हो रहा था, वह कलेक्टर कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक जगह की बात नहीं है। जिला मुख्यालय के आसपास कई स्थानों पर इसी तरह धड़ल्ले से मिट्टी और मुरुम का अवैध उत्खनन जारी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी जैसे गहरी नींद में हैं।
बीजापुर एसडीएम जागेश्वर कौशल ने बताया कि मीडिया से सूचना मिलने के बाद टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया और अवैध कार्य को बंद कराया गया। जब्त मशीनों के साथ मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला न केवल अवैध खनन के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर समय रहते निगरानी नहीं की गई, तो शहर के भीतर ही जमीन का यह काला खेल और भी गहराता जा सकता है।


