स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 29 सितंबर 2026: हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाले शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर साल 2026 के पंचांग में एक विशेष गणना सामने आई है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा। हालांकि, तिथियों के विशेष संयोग के कारण 19 अक्टूबर को ही दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों से जुड़े मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा।
11 अक्टूबर को घटस्थापना से होगी शुरुआत
पंचांगीय गणना के अनुसार, 11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना (घटस्थापना) की जाएगी। इसी दिन से नवरात्रि का पहला व्रत रखा जाएगा और मां शैलपुत्री की विधिवत पूजा-अर्चना होगी। 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाएगी। इस प्रकार पूरे नौ दिनों का नवरात्रि उत्सव मनाया जाएगा।
19 अक्टूबर को ही अष्टमी और नवमी का योग क्यों?
वर्ष 2026 में तिथियों के समय के कारण अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं। पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह करीब 8:27 बजे शुरू होगी और 19 अक्टूबर को सुबह करीब 10:51 बजे तक रहेगी। 19 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि विद्यमान रहेगी। इसके बाद सुबह करीब 10:51 बजे अष्टमी समाप्त होते ही नवमी तिथि लग जाएगी। इसी वजह से 19 अक्टूबर को ही दोनों तिथियों के अनुष्ठान किए जाएंगे।
कन्या पूजन और महापूजा का सबसे खास दिन
19 अक्टूबर, सोमवार का दिन नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण दिन रहेगा। इस दिन सुबह के समय दुर्गा अष्टमी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान और मां महागौरी की पूजा होगी। इसके बाद तिथि बदलते ही इसी दिन महानवमी से जुड़ी पूजा और कन्या पूजन के कार्य भी संपन्न किए जाएंगे। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, उदयातिथि और तिथि के इस समय चक्र के कारण दोनों पर्व एक ही दिन मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा।


