मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश से हड़कंप! 2017 के बाद पहली बार लगा अलर्ट, हूतियों ने बताया पुराना झूठ

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 16 सितंबर 2026:
 सऊदी अरब ने दावा किया है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की, जिसे हवा में ही मार गिराया गया। बुधवार को हुए इस हमले की कोशिश के एक दिन पहले मंगलवार को मक्का, जेद्दा और तैफ में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। सऊदी अरब के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। वहीं, हूती विद्रोहियों ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे पुराना झूठ करार दिया है।

ad

मक्का में एक दशक बाद जारी हुआ सुरक्षा अलर्ट

हमले की इस घटना से पहले मंगलवार को सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने देश के पश्चिमी तट के कई शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया था। इसमें पवित्र शहर मक्का, जेद्दा और तैफ प्रांत शामिल थे। हालांकि, खतरे को टलता देख इस अलर्ट को कुछ ही मिनटों में वापस ले लिया गया था। साल 2017 के बाद लगभग एक दशक में यह पहली बार था जब मक्का में सुरक्षा को लेकर इस तरह की चेतावनी जारी की गई थी। इसके एक दिन बाद बुधवार को हमले की कोशिश हुई। सऊदी प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि यह पवित्र स्थल पर पूजा करने आए आम नागरिकों को डराने की साजिश थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा ‘रेड लाइन’ है और नुकसान पहुंचाने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा।

youtube

हूती विद्रोहियों ने दावे को बताया ‘घिसा-पिटा झूठ’

दूसरी तरफ, यमन के हूती विद्रोहियों ने मक्का या किसी भी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थानों को खतरा पहुंचाने की बात पूरी तरह गलत है। हूती विद्रोहियों के पोलित ब्यूरो के हाजेम अल-असद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा कि मक्का को निशाना बनाने का दावा एक घिसा-पिटा झूठ है और इसका इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है।

OIC ने की हमलों की कड़े शब्दों में निंदा

ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) ने मक्का और मदीना इलाके पर हूती हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। OIC के अनुसार, इन हमलों का मकसद आम नागरिकों में दहशत फैलाना, पवित्र स्थलों और मस्जिदों की पवित्रता का उल्लंघन करना तथा दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काना है। OIC के जनरल सेक्रेटेरिएट ने बयान जारी कर कहा कि पवित्र स्थलों, मस्जिदों और आम नागरिकों की जगहों पर हमले आतंकवाद हैं, जो इस्लामी मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं। संगठन ने कहा कि पवित्र स्थलों की पवित्रता तोड़ना बहुत गलत काम है और इसे रोकने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।

दो अरब मुसलमानों की आस्था का केंद्र है मक्का

मक्का दुनिया भर के लगभग दो अरब मुसलमानों की आस्था का मुख्य केंद्र और इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल है। यहां पवित्र काबा स्थित है, जिसकी तरफ मुंह करके पूरी दुनिया के मुसलमान सजदा करते हैं। मक्का में ही हर साल हज का आयोजन होता है, इसके अलावा साल भर लाखों तीर्थयात्री यहां आते हैं।