स्वतंत्र बोल
बंगाल,असम,तमिलनाडु, 04 मई 2026: Assembly Election Results 2026 के रुझानों ने देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है और शुरुआती आंकड़े कई बड़े सियासी उलटफेर की ओर इशारा कर रहे हैं। कहीं सत्ता वापसी की राह आसान दिख रही है तो कहीं मुकाबला इतना करीबी है कि हर राउंड के साथ तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
सबसे ज्यादा नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी हुई हैं, जहां सियासी जंग बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। 293 सीटों वाले इस राज्य में बीजेपी 126 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 108 सीटों पर आगे चल रही है। यह मुकाबला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि सियासी वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर ने पूरे चुनाव को हाई-वोल्टेज बना दिया है। इस सीट का हर अपडेट राजनीतिक समीकरण बदलने की ताकत रखता है।
असम में तस्वीर लगभग साफ नजर आ रही है। यहां बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और 84 सीटों पर बढ़त के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है। कांग्रेस गठबंधन 26 सीटों पर सिमटता दिख रहा है, जिससे सत्ता में वापसी का सपना फिलहाल दूर होता नजर आ रहा है।
तमिलनाडु में इस बार का चुनाव चौंकाने वाला साबित हो रहा है। जहां एक तरफ डीएमके और एआईएडीएमके के बीच पारंपरिक मुकाबला था, वहीं अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने एंट्री लेते ही सियासी समीकरण हिला दिए हैं। टीवीके 74 सीटों पर बढ़त बनाकर बड़ी ताकत के रूप में उभरती दिख रही है। इससे राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले ने नई राजनीतिक कहानी लिखनी शुरू कर दी है।
केरल में एलडीएफ एक बार फिर मजबूत स्थिति में नजर आ रही है और 60 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं कांग्रेस नीत यूडीएफ 25 सीटों पर आगे है, जबकि बीजेपी गठबंधन भी कुछ सीटों पर पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि यहां मुकाबला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अंतिम नतीजे चौंका सकते हैं।
पुडुचेरी में भी सियासी तस्वीर दिलचस्प बनी हुई है। एनडीए गठबंधन बढ़त में है, लेकिन यहां सीटों की कम संख्या के कारण हर परिणाम बेहद अहम साबित हो सकता है। एक छोटी सी बढ़त भी सत्ता का खेल पलट सकती है।
कुल मिलाकर, इन चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि इस बार जनता का मूड एक जैसा नहीं रहा। कहीं सत्ता बरकरार रहने के संकेत हैं तो कहीं बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे कई बड़े चेहरों की किस्मत का फैसला भी सामने आएगा और सियासत का असली चेहरा उजागर होगा।


