दंतेवाड़ा के घने जंगलों में मिला विस्फोटकों का जखीरा, सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई से नक्सली नेटवर्क बेनकाब

स्वतंत्र बोल
बस्तर, 04 मई 2026:: छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने जंगलों में छिपे खतरनाक राज को उजागर कर दिया है। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के तोडमा गांव के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों के छिपाए गए विस्फोटकों का विशाल जखीरा बरामद किया है। यह खुलासा समर्पण के बाद सामने आए इनपुट के आधार पर हुआ, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

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खुफिया सूचना मिलते ही CRPF की 195वीं वाहिनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के बीच घंटों चली तलाशी के बाद जवानों को जमीन के नीचे और झाड़ियों के भीतर छिपाकर रखी गई खतरनाक सामग्री का पता चला। बरामद किए गए इस जखीरे को देखकर खुद सुरक्षा बल भी चौंक गए।

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इस ऑपरेशन में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, INSAS और SLR के सैकड़ों राउंड, ग्रेनेड से जुड़ा सामान, जिलेटिन, सेफ्टी फ्यूज वायर और संचार उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक भरमार राइफल, वायरलेस सेट, बैटरियां और नक्सली साहित्य भी जब्त किया गया है। यह पूरा जखीरा किसी बड़े हमले की तैयारी की ओर इशारा कर रहा था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में हुए समर्पणों के बाद नक्सलियों के छिपे नेटवर्क और उनके गुप्त ठिकानों की जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है। इसी कड़ी में यह बड़ी सफलता मिली है, जिसने यह साफ कर दिया है कि जंगलों के अंदर अभी भी खतरनाक साजिशें पल रही थीं।

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान राहत की बात यह रही कि सभी जवान सुरक्षित लौट आए। फिलहाल बरामद विस्फोटक और हथियारों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि यह जखीरा कब और किस बड़ी साजिश के लिए तैयार किया गया था।

दक्षिण बस्तर के जंगलों से सामने आया यह खुलासा न सिर्फ सुरक्षा बलों की सतर्कता को दिखाता है, बल्कि यह भी चेतावनी देता है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।