स्वतंत्र बोल
जांजगीर-चांपा ,04 मई 2026: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भैंसों की आड़ में एक बड़ा अवैध खेल खेला जा रहा था। लेकिन पुलिस की सतर्कता और फिल्मी स्टाइल में की गई कार्रवाई ने पूरे गिरोह की साजिश को नाकाम कर दिया। शिवरीनारायण पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु तस्करी गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश ऐडजा, राजेश मांझी, निरंजन कोलरी, रूपेश कुमार और प्रकाश राणा शामिल हैं, जो उड़ीसा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 15 भैंसों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया, जिन्हें अवैध रूप से बूचड़खाने ले जाया जा रहा था।
मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि तीन पिकअप वाहनों में भैंसों को भरकर उड़ीसा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और रास्ते में ही तीनों वाहनों को रोक लिया। जैसे ही पुलिस ने दबिश दी, मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ) के तहत मामला दर्ज किया है। तस्करी में इस्तेमाल किए गए तीनों पिकअप वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि पशु तस्करी का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और रात के अंधेरे में ऐसे अवैध कामों को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि अब ऐसे अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा।


