महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद में अपनी ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले किसान के घर आज किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे. जहां उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया. वहीं उन्होंने पीड़ित परिजनों को सहयोग दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखने की बात कही है.
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बता दें कि पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिघनपुर में 11 मार्च की सुबह परिजनों को किसान पूरन निषाद की लाश उसके खेत में पेड़ पर लटकी हुई मिली. इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी. मृत किसान के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने झलप स्थित ग्रामीण सेवा सहकारी बैंक से डेढ़ लाख का केसीसी कर्ज लिया था. इसके अलावा भी साहूकारों से लगभग डेढ़ लाख का कर्ज लिया था.
बिजली कटौती से हो रहा था फसल को नुकसान
मृत किसान के बेटे तुलेश्वर निषाद ने बताया कि खेत में बोर खुदवाए थे, एक बोर चल रहा था, लेकिन बिजली कटौती की वजह से खेत सूख गया. छह से आठ घंटे कटौती होती है. ऑपरेटर अगर सो जाता है तो रात भर बिजली गुल रहती है. बिजली कटौती से खेत में लगी खड़ी फसल को हो रहे नुकसान की वजह से पिता ज्यादा परेशान थे.
कलेक्टर ने एसडीएम को दिए जांच के निर्देश
इस मामले में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लहंगे का कहना है कि बिजली कटौती के कारण ही किसान ने आत्महत्या की है, यह कहना मुश्किल था. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. एसडीएम और थानेदार को जांच के लिए कहा गया है.
कांग्रेस की जांच कमेटी भी परिजनों से मिले
घटना के दो दिन बाद यानी 13 मार्च को कांग्रेस की ओर से गठित जांच समिति ने परिजनों से मुलाकात की थी. कांग्रेस की जांच टीम ने सिघनपुर पहुंचकर मृतक किसान के परिवार से बातचीत की और आत्महत्या के पीछे के कारणों की जानकारी ली. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. हाईटेक हुआ अब छत्तीसगढ़ का ये रेलवे स्टेशन…
